क्या भारत में स्वदेशी KOO APP ट्विटर का विकल्प बन पाएगा ?

क्या भारत में स्वदेशी KOO APP ट्विटर का विकल्प बन पाएगा ?
फोटोः koo app

स्वदेशी कू ऐप भारत की कई भाषाओँ के साथ लॉन्च हुआ है। जिसमें हिंदी अंग्रेजी सहित कईं भाषाएं हैं। मेड इन इंडिया आत्मनिर्भिर KOO APP को गूगल प्ले स्टोर पर एक मिलियन से अधिक उपभोक्ताओं ने डाउनलोड कर लिया है।

भारत सरकार और अमेरिकी माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर के बीच किसान आंदोलन को लेकर चिड़े विवाद के बीच अब स्वदेशी टूटर के बाद कू ऐप लॉन्च हुआ है। इस एप को अब तक एक मिलियन  से अधिक उपभोक्ताओं ने डाउनलोड किया है। गूगल प्ले स्टोर पर कू ऐप की रेटिंग 4.7 है और 53 हजार उपभोक्ता अपना मिला-जुला रिव्यु दे चुके हैं। जिसमें ज्यादातर उपभोक्ताओं के टिप्पणियां सकारात्मक हैं । यानि भविष्य में ये ऐप भारत में ट्विटर का विकल्प बन सकता है।

मेड इन इंडिया की पहल में नए लॉन्च हुए कू ऐप अमेरिकन माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर को पर्तिस्पर्धा देने के लिए पूरी तरह तैयार है। कू ऐप कईं भारतीय भाषाओँ को सपोर्ट करता है और ट्विटर पर उपलब्ध अधिकतर सुविधाओं को प्रदान करता है। यहां तक कि केंद्रीय रेल मंत्री पियूष गोयल ने भी कू ऐप का समर्थन करते हुए एक ट्वीट कुया है। उन्होंने ट्वीटर पर लिखा ,” मैं अब कू पर हूं। वास्तविक समय, रोमांचक और विशेष अपडेट के लिए इस भारतीय माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर मेरे साथ जुड़ें ।”

बता दें, कू ऐप को भारत सरकार ने मेड इन इंडिया पहल के तहत अगस्त 2020 में एक प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में मान्यता दी थी। कू ऐप के बारे में सबसे ज्यादा दिलचस्प बात यह सामने आ रही है कि भारत सरकार और ट्विटर के बीच वैचारिक मतभेदों के चलते हुए ये ऐप बड़े पैमाने पर लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है ।

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