Saitama Inline Freestyle Asia Cup 2026: जापान के सैतामा शहर में आयोजित हुए सैतामा इनलाइन फ्रीस्टाइल एशिया कप में भारतीय स्केटरों ने एक बार फिर देश का सिर गर्व से ऊंचा किया।
Saitama Inline Freestyle Asia Cup 2026
इस प्रतिष्ठित एशियाई प्रतियोगिता में भारत को कुल 2 पदक हासिल हुए, जिससे भारतीय रोलर स्केटिंग बिरादरी में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सिरी बंदक्का (Siri Bandakka) ने बैटल स्लैलम में जीता सिल्वर मेडल
भारत की उभरती हुई इनलाइन स्केटिंग खिलाड़ी Siri Bandakka ने बैटल स्लैलम (Battle Slalom) स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया। बैटल स्लैलम एक तकनीकी और चुनौतीपूर्ण फ्रीस्टाइल इवेंट माना जाता है, जिसमें खिलाड़ियों को कोन्स के बीच स्पीड, संतुलन और फुटवर्क का बेहतरीन तालमेल दिखाना होता है। सिरी की यह उपलब्धि भारतीय इनलाइन स्केटिंग के लिए एक बड़ी सफलता है और आने वाले समय में उनसे और पदकों की उम्मीद बढ़ गई है।
संवित वेंकटेश (Sanvit Venkatesh) ने U19 युवा वर्ग में जीता ब्रॉन्ज मेडल
दूसरी ओर, भारत के युवा स्केटर संवित वेंकटेश (Sanvit Venkatesh) ने U19 युवा वर्ग (Junior/Youth Category) में शानदार खेल दिखाते हुए कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) जीता। कम उम्र में ही एशियाई स्तर के मंच पर पदक जीतना संवित के करियर के लिए एक मजबूत नींव साबित होगा। यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत में युवा स्केटिंग टैलेंट लगातार निखर रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार है।
भारतीय स्केटिंग के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि ?
इनलाइन फ्रीस्टाइल स्केटिंग भारत में अभी उभरता हुआ खेल है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसमें भारतीय खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है। सैतामा एशिया कप जैसी प्रतियोगिताओं में एशिया के मजबूत स्केटिंग देशों — जैसे जापान, इंडोनेशिया, चीनी ताइपे और दक्षिण कोरिया — के खिलाड़ियों के बीच पदक जीतना आसान नहीं होता। ऐसे में सिरी बंदक्का और संवित वेंकटेश की यह सफलता भारतीय रोलर स्केटिंग फेडरेशन और देशभर के युवा स्केटरों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
आगे की राह
इन दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन से यह साफ है कि भारत में इनलाइन फ्रीस्टाइल स्केटिंग का भविष्य उज्ज्वल है। सही प्रशिक्षण, संसाधनों और सरकारी सहयोग के साथ आने वाले वर्षों में भारत एशियाई और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में और भी अधिक पदक जीत सकता है। सिरी और संवित जैसे युवा खिलाड़ी निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी के लिए मिसाल बनेंगे।





