Nitesh Siwach ने Greco-Roman कुश्ती में जीता सिल्वर मेडल

Nitesh Siwach ने Greco-Roman कुश्ती में जीता सिल्वर मेडल

Nitesh Siwach ने Asian Games 2026 में Greco-Roman 97 किलो वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में जापान के नाकाजातो से हार, पर भारत का सिर ऊंचा।

Nitesh Siwach wins silver medal in Greco-Roman

भारतीय पहलवान नितेश सिवाच ने Asian Games 2026 में ग्रीको-रोमन कुश्ती के 97 किलो भार वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। गुरुवार, 1 अक्टूबर को जापान के नागोया में खेले गए फाइनल में उन्हें मेज़बान देश के युरी नाकाजातो से 0-4 से हार मिली। गोल्ड हाथ से निकल गया, लेकिन अपने पहले ही एशियाई खेलों में पदक जीतना किसी भी पहलवान के लिए बड़ी उपलब्धि है।

Nitesh Siwach का Greco-Roman में फाइनल मुकाबला

मुकाबले की शुरुआत से नितेश सिवाच ने टू-ऑन-वन ग्रिप से दबाव बनाने की कोशिश की, पर नाकाजातो ने उन्हें हमला करने का मौका नहीं दिया। जापानी पहलवान ने पहले नितेश को मैट से बाहर धकेलकर अंक बनाया। इसके बाद पैसिविटी के कारण नितेश सिवाच ग्राउंड पोजीशन में गए, लेकिन उन्होंने अच्छा बचाव किया और गट रेंच का अंक नहीं बनने दिया। पहला पीरियड 2-0 पर खत्म हुआ।

दूसरे पीरियड में नाकाजातो ने नितेश का संतुलन बिगाड़ा और टेकडाउन से बढ़त 4-0 कर ली। आखिरी मिनट में नितेश को वापसी के लिए आक्रामक होना था, पर सामने वाले की मजबूत डिफेंस ने रास्ता बंद रखा।

नितेश ने सेमीफाइनल में दिखाया दम

फाइनल तक का सफर शानदार रहा। सेमीफाइनल में नितेश सिवाच ने मंगोलिया के गानबातर को पहले ही तीन मिनट के पीरियड में 9-0 से हराया। यह जीत टेक्निकल सुपीरियरिटी से मिली। इसी प्रदर्शन के दम पर देश को स्वर्ण की उम्मीद बंध गई थी।

62 साल का इंतजार अभी अधूरा

भारत को एशियाई खेलों की ग्रीको-रोमन कुश्ती में आखिरी स्वर्ण 1962 में मिला था। तब जकार्ता में मालवा सिंह ने 52 किलो और गणपत आंदलकर ने प्लस 97 किलो वर्ग में गोल्ड जीता था। नितेश के पास उस इंतजार को खत्म करने का मौका था, पर इस बार जीत जापानी पहलवान के नाम रही।

पिता का सपना और चोट से वापसी

एशियाई खेलों से पहले नितेश ने अपने सफर के बारे में बताया था कि ट्रायल के दौरान उनके पिता उन्हें देखने पहुंचे थे। पिता ने कहा था कि अब पीछे नहीं देखना है और एशियाई खेलों में पदक लाना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नितेश के सफर में घुटने की चोट और दो साल का ब्रेक भी आया। इस दौरान इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट ने उनका साथ दिया। नितेश सिवाच को यह भी पता था कि उनके वजन वर्ग में अब तक कोई भारतीय पहलवान एशियाई खेलों में पदक नहीं जीत सका था।

नितेश सिवाच का प्रदर्शन

  • 2025 में उन्होंने सीनियर एशियाई चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज जीता।
  • 2026 की एशियाई चैंपियनशिप में सिल्वर आया, जहां फाइनल में ईरान के ओलंपिक चैंपियन मोहम्मदहादी सरावी से हार मिली।
  • जून 2026 में उलानबातर रैंकिंग सीरीज में उन्होंने अपना पहला रैंकिंग सीरीज गोल्ड जीता।

अब एशियाई खेलों का सिल्वर इस सिलसिले की अगली कड़ी है।

नितेश अभी युवा हैं और हर बड़े टूर्नामेंट के साथ उनका अनुभव बढ़ रहा है। उनके पिता ने जो लक्ष्य बताया था, उसमें एशियाई खेलों के बाद ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप भी शामिल हैं। एशियाई खेलों का यह पदक उसी रास्ते का अहम पड़ाव है।

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