Basant made history U20 Athletics Championships: बसंत ने रचा इतिहास: वर्ल्ड U20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हाई जंप में भारत को दिलाया पहला मेडल।
Basant ने सिल्वर मेडल जीता
भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक और गर्व का पल आया है। राजस्थान के युवा हाई जम्पर बसंत कुमार मेघवाल ने अमेरिका के यूजीन (ओरेगन) में चल रही वर्ल्ड U20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में इतिहास रच दिया है। बसंत ने पुरुषों की हाई जंप (ऊंची कूद) स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर भारत के लिए इस इवेंट में पहला वर्ल्ड U20 मेडल अपने नाम किया। हेवर्ड फील्ड में हुए फाइनल में बसंत ने अपने सीजन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहराते हुए 2.21 मीटर की ऊंचाई पार की, जो उनके पर्सनल बेस्ट के बराबर है।
इससे पहले किसी भी भारतीय पुरुष हाई जम्पर ने वर्ल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप के इतिहास में पदक नहीं जीता था, जिससे बसंत की यह उपलब्धि और भी खास बन जाती है।
Basant कुमार मेघवाल कौन हैं ?
बसंत राजस्थान के गंगानगर जिले के सीमावर्ती कस्बे अनूपगढ़ के एक छोटे से गांव से आते हैं। जनवरी 2007 में जन्मे बसंत ने बीते एक-डेढ़ साल में भारतीय हाई जंप में सबसे तेज उभरते सितारों में अपनी जगह बनाई है। उनका करियर बेस्ट पहले 2.11 मीटर था, जिसे उन्होंने 2025 में जूनियर फेडरेशन कप में हासिल किया था। लेकिन 2026 में उन्होंने महज एक साल के भीतर करीब 10 सेंटीमीटर का सुधार करते हुए अप्रैल 2026 में बेंगलुरु में 2.21 मीटर की छलांग लगाई, जो हाई जंप जैसे तकनीकी इवेंट में एक असाधारण प्रगति मानी जाती है।
एशियन U20 चैंपियनशिप में गोल्ड से मिली उड़ान
बसंत के लिए 2026 का सीजन शुरुआत से ही शानदार रहा। हॉन्गकॉन्ग में हुई एशियन U20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में बसंत ने 2.20 मीटर की छलांग के साथ गोल्ड मेडल जीता था। इस जीत ने उन्हें एशिया के शीर्ष जूनियर हाई जम्पर्स में शुमार कर दिया और वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया।
वर्ल्ड U20 चैंपियनशिप में क्वालिफिकेशन से फाइनल तक का सफर
यूजीन में क्वालिफिकेशन राउंड में बसंत ने बेहद परिपक्व प्रदर्शन किया। उन्होंने 2.00 मीटर, 2.05 मीटर और 2.10 मीटर की ऊंचाइयां पहले ही प्रयास में पार कीं, इसके बाद 2.14 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए ग्रुप ए में पांचवें स्थान के साथ फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। गौरतलब है कि क्वालिफिकेशन राउंड में किसी भी एथलीट ने 2.21 मीटर के ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क को पार नहीं किया था, इसलिए दोनों ग्रुप्स के बेस्ट परफॉर्मर्स के आधार पर फाइनल के 12 खिलाड़ी तय हुए।
फाइनल में बसंत का मुकाबला दुनिया के कुछ बेहतरीन जूनियर हाई जम्पर्स से था, जिनमें अल्जीरिया के यूनुस अयाची भी शामिल थे, जो इस सीजन के वर्ल्ड लीडर के तौर पर फाइनल में उतरे थे। इसके बावजूद बसंत ने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 2.21 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल पक्का किया।
भारतीय हाई जंप के लिए सुनहरा दौर
बसंत की यह उपलब्धि ऐसे समय पर आई है जब भारतीय हाई जंप अपने सबसे मजबूत दौर से गुजर रहा है। सीनियर स्तर पर सर्वेश कुशारे ने इसी साल 2.31 मीटर का नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीता। अब जूनियर स्तर पर बसंत की सफलता यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में भारतीय हाई जंप अंतरराष्ट्रीय पोडियम पर लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकता है।
भारत का शानदार अभियान वर्ल्ड U20 चैंपियनशिप में
बसंत की सफलता भारत के लिए इस चैंपियनशिप में दूसरा बड़ा पदक है। इससे पहले जैवलिन थ्रो में आशीष यादव ने 74.09 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीतकर भारत का खाता खोला था। इसके अलावा मोहम्मद अशफाक ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में नया U20 नेशनल रिकॉर्ड बनाया, जबकि लॉन्ग जंप में शहनवाज खान और जितिन अर्जुनन ने भी फाइनल तक का सफर तय किया। बसंत के सिल्वर मेडल ने भारत की इस चैंपियनशिप में बेहतरीन शुरुआत को और मजबूत कर दिया है।
बसंत कुमार मेघवाल की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके अपने करियर के लिए बल्कि पूरे भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। छोटे से गांव से निकलकर वर्ल्ड चैंपियनशिप के पोडियम तक पहुंचने की उनकी कहानी आने वाले समय में कई युवा एथलीटों को प्रेरित करेगी।





