ब्रिटिश कोर्ट का फैसला: विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को अमेरिका प्रत्यर्पित किया जाएगा, हो सकती है 175 साल की कैद

ब्रिटेन की कोर्ट ने जूलियन असांजे के मामले में अपना फैसला सुनाया है। जूलियन असांजे को अमेरिका प्रत्यर्पित किया जाएगा। जहां उसे 175 साल तक की जेल हो सकती है।

ब्रिटेन की एक अदालत ने जूलियन असांजे को अफगानिस्तान और इराक युद्ध से जुड़ी सीक्रेट फाइल छापने का दोषी पाया है। अदालत ने कहा है कि जूलियन को अमेरिका प्रत्यर्पित किया जाए। जहां उन्हें 175 साल तक की जेल की सजा काटनी होगी। अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए बचाव पक्ष के पास 18 मई तक का समय है।

असांजे के प्रत्यर्पण को मंजूरी

ब्रिटेन की कोर्ट का यह आदेश गृह मंत्री प्रीति पटेल के पास जाएगा। प्रीति पटेल अगर जूलियन असांजे के प्रत्यर्पण को मंजूरी देती है तो उसके वकील इस फैसले को चुनौती देने के लिए ब्रिटेन की हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं ।

सीक्रेट फाइल्स को किया था लीक

आपको बता दें, जूलियन असांजे पर अफगानिस्तान इराक युद्ध के दौरान चले अमेरिकी सैन्य अभियान से जुड़ी 50,000 से अधिक सीक्रेट  फाइल्स को सार्वजनिक करने का आरोप है। इसी मामले में अमेरिका उन पर मुक़दमा चलाना चाहता है। असांजे को अमरीका प्रत्यर्पित करने को लेकर यूएस पिछले कई सालों से कोशिश कर रहा है।

पूरा ध्यान रखा जाएगा

बता दे, पिछले साल फरवरी में जूलियन के वकीलों ने अदालत में दलील दी थी कि अगर उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया जाता है तो जूलियन को कड़ी सुरक्षा वाली जगह में रखा जाएगा। जहां वह आत्महत्या तक कर सकता है। इसके जवाब में अमेरिकी सरकार ने कहा था कि असांजे को किसी अलग जेल में नहीं रखा जाएगा, उसका पूरा ध्यान रखा जाएगा ।

इससे पहले गत माह जून में असांजे को ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिका प्रत्यर्पित करने के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति दी थी। उनके वकील बर्नबर्ग पियर्स सॉलीसीटर ने दलील दी कि जूलियन असांजे को अमेरिका में जीवन भर जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है।

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