क्या पायलट अभिनंदन को पाकिस्तान से वापिस नही लाना चाहती थी मोदी सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक टीवी चैनल को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा,जब अभिनंदन की घटना घटी
तो सभी दलों को कहना चाहिए था कि हमें देश की सेना पर गर्व है कि उसने पाकिस्तान का एफ -16
लड़ाकू विमान मार गिराया है। इसकी बजाय अभिनंदन वापिस कब आएगा पूरा विपक्ष उस और चल पड़ा।

“उस दिन रात को विपक्ष ने कैंडल लाइट मार्च निकलने और पुलवामा हमले को मुद्दा बनाने का षड्यंत्र तैयार
कर लिया था। वो तो शाम को 4-5 बजे तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अभिनन्दन की रिहाई की घोषणा
कर दी। जिससे इनकी योजना धरी की धरी रह गयी” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक टीवी चैंनल को कहा।

प्रधान मंत्री मोदी द्वारा कहे गए इन शब्दों के बाद ट्विटर पर सवालों की बाढ़ आ गई। लोग पूछने लगे कि
क्या प्रधानमंत्री विंग कमांडर अभिनंदन को वापिस नहीं लाना चाहते थे ?
पत्रकार रोहिणी सिंह ने ट्वीट किया -क्या चौंकाने वाली टिप्पणी है। पूरा देश अभिनंदन को लेकर चिंतित था
और वह अपनी सुरक्षित वापसी चाहता था। प्रधानमंत्री को क्यों दुख पहुंचाना चाहिए?

एक आलोचक रोफ़ल गाँधी ने ट्वीट किया – छुपाये नहीं छुप रही साहेब की नीचता।
जिंदा सैनिक खाक का, मरा सैनिक 15 लाख का।

अमित त्यागी लिखते हैं-मित्रो, हमारे विंग कमांडर की सुरक्षा हमारी चिंता नहीं होनी चाहिए।
बल्कि, बालाकोट में किसी आतंकवादी को नहीं मारने वाली स्ट्राइक पर मोदी के झूठे बयान, हमारा ध्यान केंद्रित होना चाहिए था।

कपिल ने लिखा-मतलब मोदी नहीं चाहता था कि अभिनंदन वापस आये और वो देश को कुछ दिन और आग में झोंक कर
अपने लिए वोटों का इंतजाम कर सके।

ऐसे ही ट्विटर पर बहुत सारे लोगों ने प्रधानमंत्री के इस ब्यान पर ट्रोल किया। कुछ लोगों ने तो अभद्र भाषा का
भी प्रयोग किया जिसको हम यहां नहीं छाप सकते।

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