भारतीय पुरुष हॉकी टीम का टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का सपना टूटा, बेल्जियम ने सेमीफाइनल में 5-2 से हराया

वर्ल्ड की नंबर 1 हॉकी टीम बेल्जियम ने भारत को सेमीफाइनल में 5-2 से करारी शिकस्त दी है। हालांकि शुरुआती दौर में भारतीय हॉकी टीम बेल्जियम पर हावी नजर आ रही थी। ऐसे में पुरुष हॉकी टीम 1972 के बाद पहली बार ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंची थी और उसके पास फाइनल में पहुंचने का अच्छा मौका था।

शुरुआत में हावी रही भारतीय टीम

भारत की पुरुष हॉकी टीम का 41 साल बाद ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने का सपना चकनाचूर हो गया है। टोक्यो ओलंपिक 2020 में अपने शानदार खेल से 49  साल बाद पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय टीम को इस कड़े मुकाबले में वर्ल्ड चैंपियन बेल्जियम से 5-2 से शिकस्त मिली। इसके साथ ही बेल्जियम फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। जिसके बाद अब भारतीय हॉकी टीम का गोल्ड मेडल जीतने का इंतजार अगले ओलंपिक तक के लिए बढ़ गया है।

बेल्जियम हॉकी टीम के स्टार खिलाड़ी ड्रैग फ्लिकर एलेग्जेंडर हेंड्रिक्स रहे। हेंड्रिक्स ने तीन गोल दागकर भारतीय टीम के प्रशंसकों का दिल तोड़ दिया। हालांकि बेल्जियम से हार के बाद अभी भी भारतीय पुरुष हॉकी टीम का सफर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। क्योंकि उसके पास ब्रोंज मेडल जीतने का मौका अभी भी बचा हुआ है।

हरमनप्रीत सिंह और मनदीप सिंह दागे दो गोल

भारतीय पुरुष हॉकी टीम का टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का सपना टूटा, बेल्जियम ने सेमीफाइनल में 5-2 से हरायाभारतीय हॉकी टीम और बेल्जियम के बीच खेले गए मैच की शुरुआत में मुकाबला बेहद करीबी होने का अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन वैसा हुआ नहीं। बेल्जियम ने मैच के दूसरे ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल हासिल कर उसे गोल में तब्दील कर लिया। लेकिन बेल्जियम की यह बढ़त ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई जिसके जवाब में भारतीय हॉकी टीम ने सिर्फ 2 मिनट के अंदर दो गोल दागकर 2-1 से बढ़त बना ली। 7 मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को हरमनप्रीत सिंह ने बेहतरीन ड्रग क्लिक कर गोल में तब्दील कर दिया। फिर आठवें मिनट में मंदीप सिंह ने शानदार रिवर्स स्टिक शॉट कर टीम के लिए दूसरा गोल लिया। लेकिन पूरे मैच में बेल्जियम ने 5-2 से हराकर भारत के गोल्ड मेडल जीतने के सपने को तोड़ दिया।

Comments

Translate »