IPS Nupur Prasad: सुशांत सिंह राजपूत केस और अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले की जांच की निगरानी करने वालीं IPS अधिकारी नूपुर प्रसाद को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। जानें उनके करियर, उपलब्धियों और CBI में योगदान के बारे में पूरी जानकारी।
IPS Nupur Prasad awarded the President’s Police Medal
IPS Nupur Prasad awarded the PPM: सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच अगुवाई करने वालीं IPS नूपुर प्रसाद को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस पदक, जानें पूरी कहानी।
देश की सबसे चर्चित जांच एजेंसी CBI में अपनी बेदाग सेवा और तेज-तर्रार कार्यशैली के लिए मशहूर IPS अधिकारी Nupur Prasad के लिए यह साल बेहद खास साबित हुआ है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्हें देश के सबसे प्रतिष्ठित पुलिस सम्मानों में से एक राष्ट्रपति पुलिस पदक (President’s Police Medal for Distinguished Service) से नवाजा जा रहा है।
CBI के गलियारों में ‘सुपरकॉप’ के नाम से पहचानी जाने वालीं नूपुर प्रसाद उस टीम का हिस्सा रही हैं, जिसने एक्टर Sushant Singh Rajput की मौत के बेहद संवेदनशील और सुर्खियों में रहे मामले की जांच की निगरानी की थी।
IPS Nupur Prasad कौन हैं ?
नूपुर प्रसाद 2007 बैच की AGMUT कैडर की IPS अधिकारी हैं। उन्होंने हाल ही में CBI में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद दिल्ली पुलिस में वापसी की है और फिलहाल वह आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint CP) के पद पर तैनात हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने दिल्ली पुलिस, CBI, पश्चिम बंगाल और अरुणाचल प्रदेश जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हुए अपनी बहुमुखी प्रतिभा और ईमानदार छवि का लोहा मनवाया है। पुरस्कार के लिए जारी प्रशस्ति पत्र में उन्हें एक कुशल, संस्थागत दृष्टिकोण रखने वाली अधिकारी बताया गया है।
Sushant Singh Rajput केस में आईपीएस नूपुर की भूमिका क्या थी ?
14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे। इस घटना के बाद उनके पिता केके सिंह ने रिया चक्रवर्ती और अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, वित्तीय गड़बड़ी और उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोपों में शिकायत दर्ज कराई थी। मामला इतना संवेदनशील हो गया कि अगस्त 2020 में केंद्र सरकार ने इसकी जांच CBI को सौंप दी। नूपुर प्रसाद ने CBI में अपने कार्यकाल के दौरान इस हाई-प्रोफाइल जांच की निगरानी की जिम्मेदारी संभाली।
करीब पांच साल तक चली इस लंबी जांच में गवाहों से पूछताछ के साथ-साथ मेडिकल और फॉरेंसिक सबूत भी जुटाए गए। हत्या, आत्महत्या के लिए उकसाने और अन्य आरोपों की बारीकी से पड़ताल की गई। आखिरकार मार्च 2025 में CBI ने मुंबई और पटना की अदालतों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें एजेंसी ने निष्कर्ष निकाला कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत में किसी तरह की साजिश या आपराधिक गतिविधि के सबूत नहीं मिले।
नूपुर प्रसाद की अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले की जांच में भी अहम भूमिका
सुशांत सिंह राजपूत केस के अलावा नूपुर प्रसाद ने CBI में रहते हुए बहुचर्चित अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले की जांच की निगरानी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके साथ ही उन्होंने CBI क्राइम मैनुअल 2020, विजन डॉक्यूमेंट, इंटरपोल जनरल असेंबली 2022 और G20 साइबर कॉन्फ्रेंस जैसे बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की तैयारियों में भी अहम भूमिका निभाई।
नूपुर प्रसाद के करियर में अन्य बड़ी जिम्मेदारियां
नूपुर प्रसाद के करियर में कई चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रही हैं:
- शाहदरा की पहली DCP के तौर पर उन्होंने जिले की पुलिस व्यवस्था तैयार की और ड्रग नेटवर्क व जुआ गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।
- दिल्ली के नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की DCP रहते हुए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव और लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह जैसे बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
- पश्चिम बंगाल में तैनाती के दौरान उन्होंने 2011 के विधानसभा चुनाव और गंगा सागर मेले जैसे बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली।
- अरुणाचल प्रदेश में SP रहते हुए उन्होंने अंतर-जनजातीय शांति बहाल करने और जबरन वसूली के नेटवर्क को खत्म करने का महत्वपूर्ण काम किया।
नूपुर प्रसाद के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक का महत्व
राष्ट्रपति पुलिस पदक भारत में पुलिस अधिकारियों को दिया जाने वाला सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है, जो असाधारण सेवा, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए दिया जाता है। यह पुरस्कार गृह मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से हर साल स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किया जाता है। नूपुर प्रसाद को यह सम्मान उनकी लंबी और प्रभावशाली सेवा, कई हाई-प्रोफाइल जांचों में उनकी भूमिका और संस्थागत नेतृत्व को मान्यता देते हुए प्रदान किया जा रहा है।





