क्या अब भी जिंदा है अश्वत्थामा

महाभारत काल में आप सब ने अश्व्थामा के बारे में जरूर सुना होगा। जनश्रुतियों के अनुसार अश्‍वत्थामा के माथे में मणि बताई जाती है ,जिसको भगवान कृष्ण ने निकाल लिया था। मणि निकालने के बाद अश्‍वत्थामा को श्राप देकर छोड़ दिया था। अश्‍वत्थामा के बारे में मध्य प्रदेश के जंगलों में अब भी मौजूद है ऐसा कहा जाता है।

भारतीय सेना ने शेयर की ये जानकारी

जी हां,भारतीय सेना ने ट्वीटर के जरिए जानकारी साँझा करते हुए किसी आदि मानव जैसे प्राणी के पैरो के निशान के फोटो भी शेयर की है। आर्मी ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर लिखा है ,”पहली बार भारतीय सेना की पर्वतारोही टीम ने मकालू बेस कैंप के करीब 32X15 इंच के नाप के पौराणिक पादरी ‘यति’ के रहस्यवादी पैरो के निशान खोजे हैं। अतीत केवल माकालू बरुण नेशनल पार्क में इस मायावी हिममानव को देखा गया है।

लोगों ने उठाए सवाल

हालाँकि,इंडियन आर्मी के इस ट्वीट के बाद ट्वीटर उपभोक्ताओं ने कुछ सवाल भी उठाए हैं। एक ने लिखा सिर्फ एक ही पैर का निशान क्यों है। जबकि दूसरे ने लिखा क्या भारतीय सेना का ट्वीटर एकाउंट हैक हो गया है ? तीसरे ने लिखा ,क्या आप लोगों को अश्‍वत्थामा मिल गया है ?एक और लिखते हैं ,बस यही बचा है अब। इस तरह भारतीय सेना द्वारा बर्फ पर किसी के पैरो के निशान जैसे चित्र को ट्वीटर पर साँझा करने के बाद उपभोक्ता तरह-तरह के सवाल कर रहे हैं।

कौन है यति

आपको बता दें ,कुछ बौद्ध धर्म के अनुयायियों के अनुसार ‘यति’एक सामान्य आदमी से बहुत बड़ा प्राणी है। जिसको हिमालय क्षेत्र में कई लोगों ने देखा है। हिमालय क्षेत्र में कुछ पर्वतारोहियों ने भी अपने लेखों में किसी आदि मानव जैसे प्राणी के पैरो के निशान का जिक्र किया है।

वहीँ महाभारत काल की बात करें तो महाभारत में भी युद्ध के बाद बचे 18 यौद्धा जिंदा बचे बताए जाते है जिनमें से एक अश्‍वत्थामा भी है। अश्‍वत्थामा को पुरे महाभारत के युद्ध में कोई नही हरा सका था। जनश्रुतियों के अनुसार अश्‍वत्थामा आज भी जीवित और अमर है।

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