Karamjyoti Dalal: एशियन पैरा गेम्स 2026 में करमज्योति दलाल ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो F55 में 21.60 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ कांस्य पदक जीता। हरियाणा की पैरा एथलीट की प्रेरणादायक कहानी।
Karamjyoti Dalal ने bronze medal जीता
जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की करमज्योति दलाल ने एक और चमकदार प्रदर्शन किया है। महिलाओं की डिस्कस थ्रो F55 स्पर्धा में उन्होंने 21.60 मीटर का थ्रो करके कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। यह उनके करियर का पर्सनल बेस्ट भी है।
Karamjyoti Dalal कौन हैं ?
हरियाणा के रोहतक की रहने वाली 38 वर्षीय करमज्योति लंबे समय से पैरा एथलेटिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। 2008 में छत से गिरने के बाद उनकी मोटर सेंसेशन प्रभावित हो गई थी। पहले वे जूडो और कबड्डी में राज्य स्तर पर खेलती थीं, लेकिन हादसे के बाद उन्होंने डिस्कस थ्रो को अपनाया। उनकी चाची ने उन्हें पैरा एथलेटिक्स से परिचित कराया था।
कोच Karamjyoti Dalal
आज वे हरियाणा खेल एवं युवा विभाग में कोच के रूप में भी काम करती हैं। 2014 एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने दो कांस्य जीते थे। 2017 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लंदन में कांस्य और 2022 एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक उनके नाम है। रियो 2016 और पेरिस 2024 पैरालंपिक में भी वे भारत का झंडा लहरा चुकी हैं।
Karamjyoti Dalal की ताकत
इस बार 21.60 मीटर का थ्रो उनके अनुभव और मेहनत का नतीजा है। F55 कैटेगरी में बैठकर थ्रो करने वाले एथलीट्स हिस्सा लेते हैं, जहां शरीर के निचले हिस्से की ताकत सीमित होती है। करमज्योति की बांहों और कमर की ताकत ने उन्हें यह पदक दिलाया।
Karamjyoti Dalal एक अनुभवी खिलाड़ी
भारत के लिए यह पदक महत्वपूर्ण है। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय दल लगातार मेडल जोड़ रहा है। करमज्योति जैसी अनुभवी खिलाड़ी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। उनका सफर बताता है कि हौसला हो तो मुश्किलें भी रास्ता बन जाती हैं।
देशभर में उनके इस प्रदर्शन की सराहना हो रही है। हरियाणा और पूरे भारत के खेल प्रेमी गर्व महसूस कर रहे हैं। करमज्योति दलाल ने एक बार फिर साबित किया कि पैरा स्पोर्ट्स में भारत की ताकत बढ़ रही है।






