खुद को चौकीदार कहने वाले वकीलों को नहीं मिलनी चाहिए वकालत करने की इजाजत : एडवोकेट नक़वी

मुंबई के एक वकील ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को एक शिकायत दर्ज कराई है,
जिसमें ट्विटर पर खुद को चौकीदार या सुरक्षा गार्ड कहने वाले वकीलों के खिलाफ अनुशासनात्मक
कार्रवाई की मांग की गई है।

उन्होंने कहा कि एक अधिवक्ता चौकीदार होने का दावा नहीं कर सकता है क्योंकि
बार कॉउंसिल ऑफ़ इंडिया किसी वकील को रोल पर रहने के दौरान किसी अन्य पेशे
को करने से रोकती है।

चौकीदार या सुरक्षा गॉर्ड अलग है और क़ानूनी पेशे के बिलकुल विपरीत है। बार कॉउंसिल ऑफ़
इंडिया के नियम के अनुसार कोई भी वकील प्रैक्टिस करते समय किसी अन्य व्यवसाय में सलंग्न
नहीं होगा या फिर बिना वेतन के नियुक्ति को स्वीकार करेगा। इससे पहले बार कॉउंसिल ऑफ़ इंडिया
से एनओसी लेनी होगी।

हालांकि एक एडवोकेट पत्रकारिता ,क़ानूनी शिक्षण ,निगम या सरकार के सलाहकार के लिए कुछ
छूट के लिए हकदार है। लेकिन चौकीदार के लिए एक वकील को अनुमति संभव नहीं है। ये शिकायत
अधिवक्ता सैयद एजाज अब्बास नकवी द्वारा दायर की गई है।

शिकायत में कई अधिवक्ताओं की सूची दी गई है। जिन्होंने चौकीदार उपसर्ग को जोड़ा है,
जिसमें उनके ट्विटर हैंडल के स्क्रीनशॉट का प्रिंट आउट भी शामिल है। उन्होंने कहा कि उन्होंने
अपने नामों से उपसर्ग “अधिवक्ता” को हटा दिया है और कई ग्राहक सोच रहे हैं कि क्या इन
अधिवक्ताओं ने “चौकीदार” बनने के लिए कानूनी पेशा छोड़ दिया है।

“इन अधिवक्ताओं के कदाचार के कारण समाज में बहुत भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। कुछ ग्राहक
पूछ रहे हैं कि क्या उक्त अधिवक्ता को पदोन्नति या पदावनति के बाद चौकीदार के रूप में नामित
किया गया है। मैं समाज को सूचित करने से थक गया हूं कि वकालत पेशे का
चौकीदार पेशे से कोई लेना-देना नहीं है।” सैयद एजाज अब्बास नकवी ने कहा।उन्होंने कारण बताओ
नोटिस जारी करने की भी मांग की है।

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