देश की सेवा में बलिदान देने वाले अग्निवीरों को एक करोड़ रूपये मुआवजा मिलेगा:एलजी अनिल पूरी

भारतीय वायुसेना , थलसेना और नेवी में अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। इस बारे में तीनों सेनाओं के अधिकारीयों ने आधिकारिक घोषणा कर दी है।

थलसेना का ब्यान

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पूरी , अतिरिक्त सचिव ,सैन्य मामलों के विभाग ने घोषणा की है कि देश की सेवा में बलिदान देने वाले अग्निवीरों को एक करोड़ रूपये का मुआवजा दिया जाएगा। ये बात आज रविवार के दिन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई तीनों सेनाओं के साथ बैठक के बाद कही गई। एलजी अनिल पूरी ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई के साथ बात करते हुए कहा ,” अग्निवीर को सियाचिन और अन्य जैसे इलाकों में वही भत्ता और सुविधाएं मिलेंगी जो वर्तमान में नियमित सैनिकों पर लागु होती हैं। सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। ”

वायुसेना की घोषणा

एयरफोर्स अधिकारी एयर मार्शल एसके झा ने कहा ,” भारतीय वायुसेना में 24 जून से अग्निवीरों के पहले बैच को लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह भर्ती ऑनलाइन होगी। पंजीकरण भी ऑनलाइन होगा। जिसके एक महीने बाद 24 जुलाई से फेज-1 ऑनलाइन परीक्षाएं होंगी।दिसंबर के अंत तक अग्निवीरों के पहले बैच को वायुसेना में शामिल कर लेंगे। 30 दिसंबर 2022 से पहले बैच की ट्रेनिंग शुरू हूँ जाएगी। ‘

नेवी में महिला अग्निवीर

नौसेना के वाइस एडमिरल डीके त्रिपाठी ने नेवी में अग्निवीरों की भर्ती के बारे में जानकारी दी है। नौसेना अधिकारी त्रिपाठी ने कहा ,” हमने अपनी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। 25 जून 2022 तक हमारी अधिसूचना सुचना एवं प्रसारण मंत्रालय में पहुँच जाएगी। एक महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 21  नवंबर को हमारे पहले अग्निवीरों का दस्ता हमारे ट्रेनिंग संस्थान में रिपोर्ट करेगा। ‘

नेवी के अधिकारी ने कहा ,” नौसेना में हम महिला अग्निवीर भी ले रहे हैं। उसके लिए हमारी ट्रेनिंग में जो संशोधन होगा उस पर काम शुरू हो चूका है। मुझे पूरी उम्मीद है कि महिला और पुरुष अग्निवीर आईएएनएस चिल्का पर रिपोर्ट करेंगे। ‘

आपको बता दें , इस वर्ष तीनों सेनाओं में कुल 46 हजार अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। चयनित अग्निवीरों को चार साल तक सेनाओं में सेवा करने का अवसर मिलेगा। वहीँ, रक्षामंत्रालय के अनुसार, चार साल की नौकरी करने वाले अग्निवीरों में से 25 फीसदी को उनकी योग्यता और बल के मापदंडों पर खरा उतरने के बाद 15 साल तक के लिए रखा जाएगा। अग्निवीर पेंशन के हकदार नहीं होंगे।

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