सचिन तेंदुलकर का पुरुषों के नाम ओपन लेटर, आंसू बहना कोई शर्म की बात नहीं

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Master blaster Sachin Tendulkar's open letter for men
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने ओपन लेटर में कहा कि पुरुषों को अपनी भावनाओं को छिपाना नहीं चाहिए और अगर मुश्किल पलों में में वे भावुक हो जाएं तो अपने आंसुओं को बहने दें।

सचिन तेंदुलकर का इंटरनेशनल मेंस वीक पर ओपन लेटर।

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने ओपन लेटर में कहा कि पुरुषों को अपनी भावनाओं को छिपाना नहीं चाहिए और अगर मुश्किल पलों में में वे भावुक हो जाएं तो अपने आंसुओं को बहने दें।

भारतीय टीम के मास्टर-ब्लास्टर रहे सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय पुरुष सप्ताह के अवसर पर सभी लड़कों और पुरुषों के नाम सोशल मीडिया पर एक ओपन लेटर लिखा है। अपने इस पत्र में उन्होंने पुरुषों से मजबूत बने रहने के लिए अपनी भावनाओं का खुलकर इजहार करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा अगर पुरुषों को रोना आए तो रोना चाहिए। पुरुषों के लिए ऐसा करना सही है। सचिन ने अपनी पूरी जिंदगी में पहली बार पुरुषों के लिए ऐसा खुला पत्र लिखा है। सचिन ने कहा कि पुरुषों को अपनी भावनाओं को नहीं छिपाना चाहिए। मुश्किल पलों में अगर भावुक हो जाएं तो रो लेना चाहिए। जन्म दिन खास:सचिन तेंदुलकर के वो रिकॉर्ड जिनको कोई नही तोड़ सकता

तेंदुलकर ने अपने पत्र में लिखा,” आप जल्द ही पिता,भाई,दोस्त,टीचर और मेंटर बनेंगे। आपको उदाहरण तय करने होंगे। आपको मजबूत और साहसी बनना होगा। आपके जीवन में ऐसे पल आएंगे जब आपको डर ,संदेह और परेशानियों का अनुभव होगा। वह समय भी आएगा जब आप असफल होंगे और रोने का मन करेगा। यकीनन ऐसे समय में आप अपने आंसुओं को रोक लेंगे और मजबूत दिखाने की कोशिश करेंगे। क्योंकि पुरुष ऐसा ही करते हैं। पुरुषों को इस तरह बड़ा किया जाता है कि पुरुष कभी रोते नहीं हैं। रोने से पुरुष कमजोर होते हैं। मैं भी यही सोचते हुए बड़ा हुआ था ,लेकिन मैं गलत था। ” सचिन तेंदुलकर ने सौरव गांगुली को दादी बोलकर दी जन्मदिन की बधाई ,ट्वीट हुआ वायरल

 

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To the Men of Today, and Tomorrow! #shavingstereotypes

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सचिन तेंदुलकर ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर आगे लिखा,” मैं अपने जीवन में कभी भी 16 नवंबर 2013 की तारीख को नहीं भूल सकता। मेरे लिए उस दिन आखिरी बार पवेलियन लौटना बहुत कठिन था और दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था। मेरा गला भर आया था लेकिन फिर अचानक मेरे आंसू दुनिया के सामने बहने लगे। हैरानी की बात ये है कि उसके बाद मैंने शांति महसूस की थी।” इस तरह सचिन तेंदुलकर ने ‘इंटरनेशनल मेंस वीक’ के मौके पर भावुक पत्र लिख कर सभी पुरुषों को के प्रेरणा दी है। पूर्व कप्तान सौरव गांगुली सर्वसम्मति से बने BCCI के नए अध्यक्ष

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