Site icon 4PILLAR

Nagpanchmi 2026: मुहूर्त, पूजा विधि और चमकेगी इन राशियों की किस्मत

Nagpanchmi 2026, Muhurt , Pooja Vidhi aur Rashifal

Nagpanchmi 2026, Muhurt , Pooja Vidhi aur Rashifal: आज नाग पंचमी का पर्व पुरे भारत में मनाया जा रहा है। नागपंचमी के अवसर पर जानें अपना राशिफल।

Nagpanchmi 2026 के बारे में विस्तृत जानकारी

सावन का महीना चल रहा है और आज यानी 17 अगस्त 2026, सोमवार को पूरे देश में नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। खास बात यह है कि आज सावन का तीसरा सोमवार भी है, इसलिए यह दिन शिव भक्तों और नाग पूजकों दोनों के लिए दोहरा शुभ माना जा रहा है। इस साल नाग पंचमी पर सूर्य और केतु की युति जैसे कुछ दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग भी बन रहे हैं, जिससे कई राशियों की किस्मत चमकने की संभावना जताई जा रही है।

आइए विस्तार से जानते हैं नाग पंचमी 2026 की सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और वे राशियां जिन्हें इस दिन खास लाभ मिल सकता है।

नाग पंचमी 2026 कब है?

सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को Nag panchmi मनाई जाती है। इस बार पंचमी तिथि 16 और 17 अगस्त, दोनों दिन पड़ने के कारण असमंजस की स्थिति बनी, लेकिन उदयातिथि के आधार पर नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त सोमवार को मनाया जा रहा है। इसी दिन सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश भी कर रहे हैं, जिससे इस पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है।

नाग पंचमी 2026 शुभ मुहूर्त

पूजा का सही समय जानना बेहद जरूरी है ताकि पूजा का पूरा फल मिल सके। इस साल नाग पंचमी के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:

मान्यता है कि इसी शुभ अवधि में नाग देवता और भगवान शिव की पूजा करने से कालसर्प दोष जैसे नाग संबंधी दोषों से राहत मिलती है।

नाग पंचमी पर इन राशियों के चमकेंगे सितारे

ज्योतिषियों के अनुसार इस साल नाग पंचमी पर बन रहे शुभ ग्रह संयोगों से कुछ राशियों को खास लाभ मिल सकता है। जानिए किन राशियों के लिए यह दिन भाग्यशाली साबित हो सकता है:

ध्यान रहे, ये भविष्यवाणियां पारंपरिक ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित हैं। परिणाम हर व्यक्ति की जन्मकुंडली के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए इन्हें मार्गदर्शन के रूप में ही लें।

Nag panchmi पूजा विधि

नाग पंचमी की पूजा सरल है, बस श्रद्धा और सही विधि का ध्यान रखना जरूरी है:

  1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ या नए वस्त्र धारण करें।
  2. घर के मुख्य द्वार पर या पूजा स्थान में गोबर या मिट्टी से नाग देवता की आकृति बनाएं, या नाग देवता की मूर्ति/चित्र स्थापित करें।
  3. सबसे पहले भगवान शिव का जलाभिषेक करें, फिर शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें।
  4. नाग देवता को कच्चा दूध, हल्दी, चावल, फूल और दूर्वा अर्पित करें।
  5. धूप-दीप जलाकर नाग पंचमी की कथा सुनें या पढ़ें।
  6. “ॐ नागदेवताय नमः” मंत्र का जाप करें।
  7. अंत में आरती करें और नाग देवता से परिवार की रक्षा और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
  8. इस दिन जमीन खोदने, हल चलाने और सर्प को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए।

नागपंचमी का महत्व और मान्यता

नाग पंचमी से जुड़ी सबसे प्रचलित कथा राजा जनमेजय और ऋषि आस्तिक की है। कहा जाता है कि राजा जनमेजय ने अपने पिता परीक्षित की सर्पदंश से मृत्यु का बदला लेने के लिए सर्प सत्र यज्ञ किया था, जिसे ऋषि आस्तिक ने रोककर शेष नागों की रक्षा की थी। इसी घटना की याद में नाग पंचमी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से सर्पदंश के भय से मुक्ति मिलती है और घर-परिवार पर आने वाला संकट टल जाता है।

नागपंचमी पर क्या करें, क्या न करें

नाग पंचमी सिर्फ एक पूजा नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच सह-अस्तित्व का प्रतीक भी है। सही मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा करने पर इस पर्व का पूरा शुभ फल मिलता है।

Exit mobile version