Nana Patekar पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण प्राकृतिक निकला। गोवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने दिल के दौरे की पुष्टि की। पूरी खबर पढ़ें।
Nana Patekar Post-mortem Report: हार्ट अटैक से मौत
नाना पाटेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है और उसने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है, जो उनके अचानक चले जाने के बाद उठ रही थीं। बंबोलिम स्थित गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) के डॉक्टरों की टीम ने अंतिम रिपोर्ट में पुष्टि की है कि दिग्गज अभिनेता की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई। कारण दिल का दौरा था। फिल्मप्रेमियों के लिए यह खबर दुखद तो है, पर इससे कई सवालों के जवाब भी मिल गए हैं।
Nana Patekar की रिपोर्ट में क्या सामने आया
जीएमसीएच के डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद मृत्यु का कारण तय किया। रिपोर्ट के मुताबिक नाना पाटेकर की मौत में किसी संदिग्ध परिस्थिति का संकेत नहीं मिला। मौत की वजह हृदय गति रुकना यानी हार्ट अटैक रही।
उस सुबह Nana Patekar के साथ क्या हुआ था?
नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर की तड़के गोवा के डोना पावला स्थित उनके घर पर हुआ। उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उन्होंने रात करीब ढाई बजे एक मित्र को संदेश भेजकर सीने में तेज दर्द की बात कही थी। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। मणिपाल अस्पताल के डॉक्टर शेखर साळकर के अनुसार उनकी जानकारी में अभिनेता को दिल की बीमारी थी और वे दवाइयां ले रहे थे।
Nana Patekar की मौत पुलिस जांच क्यों हुई ?
Kantipur की रिपोर्ट के अनुसार, पणजी पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। यह एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया है, जो अचानक हुई मौत में अपनाई जाती है। पुलिस अधिकारियों ने पहले ही कहा था कि जांच में मौत पूरी तरह प्राकृतिक कारणों से साबित होने पर मामला बंद किया जा सकता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट इसी दिशा में अहम कड़ी मानी जा रही है।
Nana Patekar को अंतिम विदाई
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे के पास डोंजे गांव के उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को सलामी दी गई और बेटे मल्हार पाटेकर ने मुखाग्नि दी। बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे और कई लोगों ने नारे लगाए, “नाना अमर रहें”। बताया गया कि यह उनकी अपनी इच्छा थी कि अंतिम संस्कार फार्महाउस पर हो।
Nana Patekar का चार दिन पहले का आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम
4 अक्टूबर को गोवा में एक कार्यक्रम में उन्होंने जीवन की अनिश्चितता पर बात की थी और समय का सही उपयोग करने की सीख दी थी। आज उनकी वे बातें लोगों को और भावुक कर रही हैं।
Nana Patekar का एक शानदार सफर
साल 1978 में फिल्म गमन से बड़े पर्दे पर कदम रखने वाले नाना ने थिएटर से अपनी पहचान बनाई थी। परिंदा, क्रांतिवीर, प्रहार और अब तक छप्पन जैसी फिल्मों में उनके तीखे संवाद और गहरी अदायगी आज भी याद की जाती है। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। परदे के बाहर वे किसानों और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए भी जाने जाते थे।
Nana Patekar को देश भर से श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी तीव्रता और अलग पहचान की सराहना की। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार की घोषणा की थी। शाहरुख खान ने उन्हें अपना गुरु, शिक्षक, आलोचक और दोस्त बताया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: नाना पाटेकर की मृत्यु का कारण क्या था?
जवाब: पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु का कारण दिल का दौरा था और मौत प्राकृतिक थी।
सवाल: नाना पाटेकर का निधन कब और कहां हुआ?
जवाब : 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा के डोना पावला स्थित उनके घर पर।
सवाल: पोस्टमार्टम किसने किया?
जवाब: गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, बंबोलिम के डॉक्टरों की टीम ने।
सवाल: नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में क्या हुआ?
जवाब: पुणे के पास डोंजे गांव के फार्महाउस पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
नाना पाटेकर की मृत्यु पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि यह एक प्राकृतिक मौत थी। उनके चाहने वालों के लिए अब उनकी फिल्में और यादें ही सबसे बड़ी विरासत हैं।






