NDA ने द्रोपदी मुर्मू को बनाया राष्ट्रपति चुनाव का उम्मीदवार, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया ऐलान

President Election 2022 : झारखंड की पूर्व गवर्नर द्रोपदी मुर्मू एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार होगी। इस बात का ऐलान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि संसदीय बोर्ड की बैठक में करीब 20 नामों पर चर्चा हुई और आदिवासी महिला नेता द्रौपदी मुर्मू के नाम पर मोहर लगी।

राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार के नाम पर मंथन के लिए मंगलवार के दिन दिल्ली स्थित पार्टी हेड क्वार्टर में भारतीय जनता पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था, संसदीय बोर्ड की बैठक हुई। बैठक के बाद जेपी नड्डा ने ऐलान किया कि झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार होंगी। नड्डा ने बताया कि संसदीय बोर्ड की बैठक में करीब 20 नामों पर चर्चा हुई और आदिवासी महिला नेता द्रौपदी मुर्मू पर मोहर लगी।

ये बड़े नेता रहे मौजूद

इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा , केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह , केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान सहित संसदीय बोर्ड के अन्य मेंबर मौजूद रहे।

इतिहास में पहली आदिवासी राष्ट्रपति

दूसरी तरफ विपक्ष की तरफ से राष्ट्रपति पद के लिए यशवंत सिन्हा को उम्मीदवार चुना गया है। अगर द्रोपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद के लिए चुनी जाती है तो भारत के इतिहास में पहली आदिवासी राष्ट्रपति होगी साथ में प्रतिभा पाटिल के बाद देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति बनेगी।  जीत के बाद उड़ीसा राज्य से आने वाली पहली राष्ट्रपति होंगी। द्रौपदी मुर्मू झारखंड राज्य की पहली महिला राज्यपाल रही है। वह उड़ीसा की पहली महिला और आदिवासी नेता रही है जिन्हें किसी भारतीय राज्य में गवर्नर बनाया गया हो और उन्होंने अपना पूरा कार्यकाल पूरा किया हो।

सियासत और सामाजिक जीवन में करीब 2 दशक के लंबे अनुभव वाली द्रौपदी मुर्मू ने भुवनेश्वर के रामादेवी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। वह उड़ीसा में दो बार विधायक रह चुकी हैं। वह बीजेपी एसटी मोर्चा की कार्यकारिणी मेंबर रही है।

द्रौपदी मुर्मू का जीवन

द्रौपदी मुर्मू का जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में बड़ा योगदान दिया है। वह वह एक गरीब आदिवासी परिवार में पैदा हुई। लेकिन उसके अंदर समाज के उत्थान के लिए काम करने की जज्बा था। उन्होंने रंग रैरंगपुर के श्री अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर में अवैतनिक अध्यापन कार्य किया। उन्होंने अपने राजनीतिक कैरियर में रह रैरंगपुर एनसी के वाइस चेयरमैन के तौर पर शुरू किया। उड़ीसा विधानसभा ने वर्ष 2007 में सर्वश्रेष्ठ विधायक के तौर पर द्रौपदी को नीलकंठ अवार्ड से सम्मानित किया था।

आपको बता दे,  राष्ट्रपति चुनाव में संख्या बल के आधार पर भारतीय जनता पार्टी अपने समर्थक दलों के साथ मजबूत स्थिति में है। अगर उसे बीजू जनता दल और आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस जैसे दलों का समर्थन मिल जाता है तो द्रौपदी मुर्मू की जीत निश्चित है।

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