Parveen Hooda Wins Boxing Gold at 2026 Asian Games

Parveen Hooda ने Asian Games 2026 बॉक्सिंग में जीता गोल्ड मेडल

Parveen Hooda ने Asian Games 2026 में महिला 65 किग्रा बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वे मेरी कॉम और लवलीना के बाद तीसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनीं।

Parveen Hooda Wins Boxing Gold at Asian Games 2026

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजी को एक और बड़ा तोहफा मिला है। हरियाणा की 26 वर्षीय बॉक्सर परवीन हुड्डा ने महिला 65 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया। यह उनके करियर का सबसे बड़ा पल है और भारतीय बॉक्सिंग इतिहास में एक यादगार उपलब्धि भी।

Parveen Hooda ने रचा इतिहास

परवीन हुड्डा एशियन गेम्स में बॉक्सिंग का गोल्ड मेडल जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं। इससे पहले मेरी कॉम ने 2014 में इंcheon में फ्लाईवेट वर्ग में गोल्ड जीता था। उसी दिन पहले लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा वर्ग में गोल्ड हासिल किया था। इस तरह भारत ने पहली बार एक ही एशियन गेम्स में दो महिला बॉक्सिंग स्वर्ण पदक जीते हैं।

चीन की बॉक्सर को हराकर परवीन हुड्डा ने जीता स्वर्ण पदक

फाइनल में परवीन का मुकाबला चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन से था। चेन ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट और अनुभवी बॉक्सर हैं। परवीन ने शानदार मुक्केबाजी के साथ मैच अपने नाम किया और गोल्ड पर कब्जा जमाया। इससे पहले सेमीफाइनल में उन्होंने चीन की ली शू को 5-0 से हराया था। क्वार्टर फाइनल में भी उज्बेकिस्तान की नवबखोर खमिदोवा पर 5-0 की जीत दर्ज की थी।

परवीन के लिए खास मायने

यह जीत परवीन के लिए खास मायने रखती है। पिछले एशियन गेम्स (हांग्जो 2022) में उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला था, लेकिन वेयरअबाउट्स फेल्योर के कारण वह पदक वापस ले लिया गया था। उसके बाद करीब दो साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा। अब वापसी के बाद उन्होंने न सिर्फ पदक जीता बल्कि गोल्ड तक पहुँच गईं। हरियाणा के रोहतक जिले के रुरकी गांव से ताल्लुक रखने वाली परवीन लंबे समय से मेहनत कर रही थीं। गांव के बॉक्सिंग अकादमी और परिवार के सहयोग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया।

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन पहले से बेहतर रहा है। लवलीना का गोल्ड, परवीन का गोल्ड और कई ब्रॉन्ज पदक मिलने से टीम ने पिछले संस्करण से अच्छा नतीजा निकाला है। देशभर में बॉक्सिंग प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों के लिए यह प्रेरणा का स्रोत है। खासकर लड़कियों के लिए यह दिखाता है कि मेहनत और धैर्य से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

परवीन की यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि वापसी की कहानी है। संकट के दिनों के बाद फिर से रिंग में उतरकर गोल्ड जीतना आसान नहीं होता। उनकी यह सफलता भारतीय खेलों को नई ऊर्जा देगी और आने वाले ओलंपिक की तैयारी में भी मददगार साबित होगी।

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