Telegram CEO Pavel Durov on Russia wanted list: रूस ने टेलीग्राम फाउंडर पावेल डुरोव पर आतंकवाद का आरोप लगाया, इंटरनेशनल वांटेड लिस्ट में नाम डाल दिया।
Telegram CEO Pavel Durov रूस की वांटेड लिस्ट में
रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के संस्थापक और सीईओ पावेल डुरोव पर आतंकवाद में मदद (aiding terrorism / facilitating terrorist activity) का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके नाम को इंटरनेशनल वांटेड लिस्ट में डाल दिया है।
Telegram CEO Pavel Durov पर रूस का आरोप
FSB के मुताबिक टेलीग्राम प्रशासन ने उन चैनलों, चैट्स और बॉट्स को नहीं हटाया जिन्हें कथित तौर पर यूक्रेनी खुफिया एजेंसियां, आतंकवादी और चरमपंथी संगठन रूस के अंदर तोड़फोड़, आतंकी हमले, सामूहिक हत्या और साइबर फ्रॉड की योजना बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। एजेंसी का दावा है कि इससे महिलाओं और बच्चों सहित कई लोगों की जान गई और अरबों का नुकसान हुआ।
टेलीग्राम पर आतंकी गतिविधियों का आरोप
विशेष रूप से एक डेटिंग चैटबॉट (Daivinchik/Leo) का जिक्र किया गया है, जिसके जरिए कथित रूप से युवा रूसियों (12-22 साल) को तोड़फोड़ और आतंकी गतिविधियों के लिए भर्ती किया गया। FSB ने 46 लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया है।
पावेल के खिलाफ धारा 205.1 (भाग 1.1) के तहत केस दर्ज
पावेल डुरोव पर रूसी आपराधिक संहिता की धारा 205.1 (भाग 1.1) के तहत केस दर्ज है, जिसमें दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। डुरोव फिलहाल दुबई में रहते हैं और उनके पास फ्रेंच व UAE नागरिकता भी है।
डुरोव और रुसी सरकार के बीच टकराव जारी
यह कदम रूस द्वारा टेलीग्राम पर दबाव बढ़ाने और देश में इंटरनेट कंट्रोल मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है। डुरोव इससे पहले भी रूस सरकार से टकरा चुके हैं और फ्रांस में भी अलग केस का सामना कर रहे हैं।
नोट : ये आरोप रूस की सुरक्षा एजेंसी के बयान पर आधारित हैं। स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि अभी बाकी है। डुरोव या टेलीग्राम की ओर से आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।





