केंद्रीय जांच ब्यूरो स्थापना दिवस के अवसर पर 19 वें डीपी कोहली स्मृति व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए CJI एनवी रमना ने CBI की कार्यशैली पर सवाल उठाए। चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया ने कहा ," सरकारें आती जाती रहेंगी, आप तटस्थ हो। लेकिन आपकी निष्क्रियता पर सवाल उठे हैं। "

सरकारें बदलती रहेंगी लेकिन एक संस्था के रूप में CBI स्थायी है, जांच एजेंसी को स्वतंत्र रूप में काम करना चाहिए : CJI एनवी रमना

केंद्रीय जांच ब्यूरो स्थापना दिवस के अवसर पर 19 वें डीपी कोहली स्मृति व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए CJI एनवी रमना ने CBI की कार्यशैली पर सवाल उठाए। चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया ने कहा ,” सरकारें आती जाती रहेंगी, आप तटस्थ हो। लेकिन आपकी निष्क्रियता पर सवाल उठे हैं। ”

सीबीआई की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए

सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख न्यायाधीश एनवी रमना शुक्रवार के दिन 19 वें डीपी कोहली स्मृति व्याख्यान में चीफ गेस्ट के तौर पर उपस्थित हुए। इस दौरान जस्टिस रमना ने सीबीआई की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई अहम मामलों में सीबीआई की निष्क्रियता , लेटलतीफी और कार्य प्रणाली पर सवाल उठे हैं। जांच एजेंसी सवालों के घेरे में आई है।

दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में सीजेआई एनवी रमना ने कहा, “आपको याद रखना चाहिए कि सरकारें और जनप्रतिनिधि समय के साथ बदलते रहते हैं। जबकि आप स्थायी हो। शासक बदलते रहते है लेकिन प्रशासन और व्यवस्था स्थायी रहती है। कोई भी संस्थान उनके नेतृत्व की वजह से अच्छा या बुरा हो सकता है। कुछ अधिकारी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

CJI एनवी रमना ने अपने व्याख्यान में जोर देते हुए कहा कि जांच एजेंसी को स्वतंत्र, स्वायत बनाना समय की मांग है। एक ही अपराध की जांच के लिए एक साथ कई जांच एजेंसियों को जिम्मेदारी देने से जांच उत्पीड़न का कारण बन जाती है। एक बार अपराध दर्ज होने के बाद सबसे पहले यह तय करना अहम बात है कि जांच की जिम्मेदारी किस एजेंसी को दी जानी चाहिए। लेकिन मौजूदा समय में देखा जा रहा है कि एक ही अपराध की जांच के लिए कईं जांच एजेंसियों को लगा दिया जाता है।

पुलिस पर भी उठाये सवाल

भारत के प्रमुख न्यायाधीश ने कहा कि जब आप सत्ता के आगे झुकेंगे नहीं तो आपको साहस , वीरता , कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के लिए जाना जाएगा। क्योंकि पुलिस एक नौकरी नहीं है ,ये समाज के प्रति एक सेवा है। देश में अंग्रेजों ने कानून बनाया जहां ब्रिटिश हुकूमत के लिए पुलिस काम करती थी। पुलिस को भारतीय नागरिकों को दबाने के लिए इस्तेमाल किया गया था। अभी भी राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए पुलिस बल दुरूपयोग हो रहा है। आमतौर पर पुलिस को कानून और व्यवस्था बनाए रखने का काम सौंपा जाता है और यह न्याय प्रणाली का अभिन्न हिस्सा है।


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