मशहूर शायर राहत इंदौरी का हृदयाघात के कारण 70 साल की उम्र में निधन,फैंस में शोक की लहर

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शायर राहत इंदौरी का आज मंगलवार शाम 5 बजे दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया है। आज सुबह उन्होंने अपने कोरोना वायरस संक्रमित होने की सुचना दी थी। 

शायर राहत इंदौरी का आज मंगलवार शाम 5 बजे दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया है। आज सुबह उन्होंने अपने कोरोना वायरस संक्रमित होने की सुचना दी थी।

मशहूर शायर राहत इंदौरी का 70 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया है। वे 70 वर्ष के थे। आज सुबह ही उन्होंने एक ट्वीट कर अपने कोरोना संक्रमित होने की जानकारी दी थी। राहत साहब ने ट्विटर पर लिखा था ,” कोविड के शुरूआती लक्षण दिखाई देने पर कल मेरा कोरोना टेस्ट किया गया। जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ऑरबिंदों अस्पताल में एडमिट हूं दुआ कीजिए जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूं। एक और इल्तेजा है, मुझे या घर के लोगों को फोन न करें। मेरी खैरियत की जानकारी आपको फेसबुक और ट्विटर पर मिलती रहेगी। ”

अब राहत इंदौरी के ट्विटर एकाउंट से परिवार वालों ने उनके निधन की जानकारी दी है। लिखा ,” राहत साहब का कॉर्डियक अरेस्ट की वजह से आज शाम 5 बजे इंतकाल हो गया है। उनकी मगफिरत के लिए दुआ कीजिए। ”

राहत साहब तो चले गए लेकिन उनके कुछ शेर हमेशा याद रखे जाएंगे। जिनमें कुछ इस तरह हैं। ‘दिलों में आग लबो पर गुलाब रखते हैं। सब अपने चेहरे पर दोहरी नकाब रखते हैं। ”

‘हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं। मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं। ”

‘शहर क्या देखें कि हर मंजर में जले पड़ गए। ऐसी गर्मी कि फूल काले पड़ गए। ”

शाखों से टूट जाएं वो पत्ते नहीं हैं हम। आंधी से कोई कह दे कि औकात में रहे। ”

“आँखों में पानी रखो होटों पे चिंगारी रखो। जिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो। ”

“बुलाती है, मगर जाने का नहीं। ” मगर चले गए।

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