Instagram-Facebook down time from 12 AM to 6 AM

Instagram-Facebook रहेंगे रात 12 से सुबह 6 तक बंद, जानें पूरा मामला

Instagram-Facebook down time: मेटा ने यूजर्स की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। अब हर रोज रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक फेसबुक और इस्टाग्राम बंद रहेंगे।

Instagram-Facebook down timing

मेटा ने बच्चों और किशोरों की स्क्रीन टाइम और नींद की समस्या को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ‘डिजिटल बेडटाइम’ लागू करने जा रही है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए हर रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऐप्स का एक्सेस पूरी तरह बंद रहेगा।

Instagram-Facebook बंद रखने का क्या है पूरा मामला ?

26 अगस्त 2026 को मेटा ने अमेरिका के लगभग 48 राज्यों के अटॉर्नी जनरल के साथ एक विशाल समझौता किया। यह समझौता उस मुकदमे को खत्म करता है जो 2023 में दायर हुआ था। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि मेटा ने इंस्टाग्राम और फेसबुक को जानबूझकर इस तरह डिजाइन किया, ताकि बच्चे और किशोर इन ऐप्स के आदी हो जाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि कंपनी ने इसके खतरों के बारे में जनता को सही जानकारी नहीं दी।

यह मुकदमा कैलिफोर्निया की एक संघीय अदालत में चल रहा था, जहां खुद मार्क जुकरबर्ग की गवाही होनी थी। समझौते के बाद यह ट्रायल रुक गया है। मेटा ने किसी भी तरह की गलती मानने से इनकार किया है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े बदलाव लागू करने पर सहमति जताई है।

किशोर अकाउंट्स पर अब कौन-कौन से नए नियम लागू होंगे?

समझौते की शर्तों के मुताबिक, मेटा अगले कुछ महीनों में इंस्टाग्राम और फेसबुक पर 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए कई सख्त बदलाव लागू करेगा।

रात में पूरी तरह बंद रहेंगे ऐप्स

टीनएजर्स के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक डिफॉल्ट रूप से बंद रहेंगे। यह पाबंदी सिर्फ तभी हटेगी जब माता-पिता खुद इसे बदलने की अनुमति दें। अगर आगे चलकर टिकटॉक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म भी इसी तरह की पाबंदी अपनाते हैं, तो यह समय सीमा और बढ़कर रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक की जा सकती है।

रोजाना सिर्फ दो घंटे इस्तेमाल की छूट

18 साल से कम उम्र के यूजर्स फेसबुक और इंस्टाग्राम को मिलाकर रोजाना अधिकतम दो घंटे ही इस्तेमाल कर सकेंगे। यह सीमा भी सिर्फ पैरेंट्स की मंजूरी से ही हटाई जा सकेगी।

लगातार इस्तेमाल पर मिलेगा ब्रेक रिमाइंडर

15 मिनट लगातार स्क्रॉल करने के बाद टीनएजर्स को ब्रेक लेने का सुझाव मिलेगा। इसके बाद 60 मिनट और 90 मिनट पर भी ऐसे ही रिमाइंडर आएंगे, ताकि लगातार स्क्रीन टाइम को कम किया जा सके।

स्कूल के समय नोटिफिकेशन रहेंगे बंद

वीकडेज़ पर सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक ज्यादातर पुश नोटिफिकेशन बंद रहेंगे, ताकि स्कूल के दौरान बच्चों का ध्यान न भटके। इसके अलावा रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक भी नोटिफिकेशन म्यूट रहेंगे।

लाइक काउंट होंगे छिपे हुए

किशोर यूजर्स के अकाउंट पर लाइक और रिएक्शन काउंट छिपाए जाएंगे, ताकि सोशल कंपैरिजन यानी दूसरों से तुलना करने का दबाव कम हो सके।

उम्र की पहचान होगी और सख्त

मेटा अपने एज वेरिफिकेशन सिस्टम को और मजबूत करेगा, ताकि 13 साल से कम उम्र के बच्चे प्लेटफॉर्म से दूर रहें और सही उम्र के हिसाब से टीनएजर्स को उचित अकाउंट सेटिंग्स मिलें।

कितने अरब डॉलर का है यह सेटलमेंट? 

रिपोर्ट्स के मुताबिक मेटा राज्यों को सीधे तौर पर करीब 12.7 अरब डॉलर का भुगतान करेगा। अगर टिकटॉक, यूट्यूब और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म भी इसी तरह के नियम अपनाते हैं, तो यह रकम बढ़कर करीब 16.7 अरब डॉलर तक जा सकती है। जब इससे जुड़े अन्य समझौतों को भी जोड़ लिया जाए, तो कुल सेटलमेंट पैकेज की कीमत करीब 18 अरब डॉलर आंकी जा रही है। यह भुगतान अगले दस साल में किया जाएगा।

मेटा ने क्या कहा ?

मेटा के चीफ लीगल अफेयर्स ऑफिसर सीजे मैहोनी ने इस समझौते को एक बड़ा और अहम कदम बताया है। उनका कहना है कि नई टाइम लिमिट, नाइट मोड और स्कूल आवर्स की पाबंदियां माता-पिता को अपने बच्चों का इस्तेमाल बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद करेंगी। साथ ही उन्होंने टिकटॉक और यूट्यूब से भी इसी तरह के नियम जल्द अपनाने की अपील की है, क्योंकि टीनएजर्स कई अलग-अलग ऐप्स के बीच स्विच करते रहते हैं।

पैरेंट्स और अटॉर्नी जनरल की प्रतिक्रिया

इस मामले को लेकर राज्यों के कई अटॉर्नी जनरल ने इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ी जीत बताया है। कोलोराडो के अटॉर्नी जनरल का कहना है कि यह राहत उससे कहीं ज्यादा है जितनी कोई अदालत आमतौर पर देती है। वहीं कुछ आलोचकों का मानना है कि यह कदम सही दिशा में है, लेकिन अभी भी पर्याप्त नहीं है, क्योंकि पर्सनलाइज्ड कंटेंट और टारगेटेड एडवरटाइजिंग जैसी सुविधाओं में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।

यह समझौता अभी अदालत की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। मंजूरी मिलने के बाद मेटा को आने वाले कुछ महीनों में इन सभी बदलावों को इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लागू करना होगा। शुरुआत में ये नियम पांच साल के लिए लागू रहेंगे, लेकिन अगर बाकी सोशल मीडिया कंपनियां भी शामिल होती हैं, तो इसकी अवधि दस साल तक बढ़ाई जा सकती है।

कुल मिलाकर, यह बदलाव सोशल मीडिया की दुनिया में बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को लेकर अब तक के सबसे बड़े कदमों में से एक माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टिकटॉक और यूट्यूब जैसी कंपनियां भी इसी राह पर चलती हैं।

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