पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के महत्वकांशी प्रोजेक्ट सेंट्रल विस्टा के विरोध में उतरीं लिसीप्रिया कंगूजम। 9 साल की पर्यावरण कार्यकर्ता ने साइट पर जाकर विरोध जताया ।
भारत की ग्रेटा थंबरग कही जाने वाली लिसीप्रिया कंगूजम प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना सेंट्रल विस्टा के विरोध में उतर गई हैं । लिसीप्रिया कंगूजम ने साइट पर जाकर अपना विरोध जताया । उन्होंने हाथ में प्लेकार्ड लेकर सेंट्रल विस्टा परियोजना का विरोध किया । लिसीप्रिया कंगूजम ने अपने ट्विटर एकाउंट पर विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें साझा की हैं ।
लिसीप्रिया कंगूजम ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा ,” पेड़ों की कटाई रोकने के लिए सेंट्रल विस्टा कंस्ट्रक्शन साइट पर आज का विरोध। ऑक्सीजन की कमी के कारण लोग मर रहे हैं और हमारे नेता पेड़ों को काटने में व्यस्त हैं। यह अस्वीकार्य है। मैं हमेशा हमारे ग्रह और हमारे भविष्य के विनाश के किसी भी रूप के खिलाफ खड़ा रहूंगी ।”
अपने ट्वीट में पर्यावरण कार्यकर्ता ने साइट की चार तस्वीरें साझा की हैं । जिसमें वह हाथ में प्लेकार्ड लिए हुए खड़ी हुई नजर आ रही हैं । इनके प्लेकार्ड पर लिखा हुआ है , ‘ सेंट्रल विस्टा को परियोजना को रोको । पेड़ बचाओ । भारत को ऑक्सीजन की जरूरत है ।’
Today’s protest at the Central Vista Construction site to stop felling down of trees 🌳.
People are dying due to lack of Oxygen & our leaders are busy in cutting down trees. This is unacceptable. I will always stand against any form of destruction of our planet & our future! ✊🏻 pic.twitter.com/KnxAOKbiDt
— Licypriya Kangujam (@LicypriyaK) May 12, 2021
आपको बता दें,9 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता लिसीप्रिया कंगूजम भारत में कोरोना वायरस महामारी से पीड़ित लोगों की मदद कर रही है । वह देश भर में ऑक्सीजन, जीवन रक्षक दवाइयों की आपूर्ति कर रही है । इसके लिए उन्होंने केटो इंडिया के जरिए डोनेशन इकट्ठा किया है और इस राशि से वह लोगों की मदद कर रही है ।
लिसीप्रिया कंगूजम इन दिनों कोरोना वायरस महामारी की जंग में लोगों की खूब मदद कर रही है । इसके अलावा उन्होंने सरकार को फटकार लगाते हुए एक ट्वीट किया । जिसमें बिहार में गंगा नदी में कोरोना के कारण मारे गए लोगों के शव बहते हुए नजर आ रहे हैं ।
पर्यावरण कार्यकर्ता Licypriya कंगूजम ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा ,” भारत में इस घातक COVID19 संकट के दौरान मौत की गिनती छिपाने के लिए, अधिकारियों ने बिहार में पवित्र गंगा नदी में शवों को फेंक दिया। लोग कह रहे हैं कि ये 150 से भी अधिक हैं ।”





