Lovepreet Singh wins silver medal in CWG 2026: भारत के स्टार भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने ग्लास्गो कामनवेल्थ गेम्स 2026 में +110 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीता।
Lovepreet Singh wins silver medal in CWG 2026
लवप्रीत सिंह ने कुल 388 किलोग्राम (176 किग्रा स्नैच और 212 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर भारत की झोली में एक और पदक डाला। हालांकि वह स्वर्ण पदक से मात्र 1 किलोग्राम के मामूली अंतर से चूक गए। न्यूजीलैंड के डेविड लिटी ने अंतिम प्रयास में 223 किलोग्राम का क्लीन एंड जर्क सफलतापूर्वक उठाकर कुल 389 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीत लिया।
Lovepreet Singh का कामनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन
लवप्रीत का प्रदर्शन पूरे मुकाबले के दौरान बेहद प्रभावशाली रहा। स्नैच स्पर्धा में उन्होंने 176 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया और शुरुआती चरण के बाद शीर्ष स्थान पर रहे। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में भी उन्होंने 212 किलोग्राम का सफल प्रयास किया और कुल 388 किलोग्राम के साथ स्वर्ण के प्रबल दावेदार बन गए। लेकिन प्रतियोगिता के अंतिम क्षणों में डेविड लिटी ने 223 किलोग्राम उठाकर मुकाबले का पासा पलट दिया और लवप्रीत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
Lovepreet Singh की उम्मीद
28 वर्षीय लवप्रीत सिंह भारतीय भारोत्तोलन के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। पंजाब से ताल्लुक रखने वाले लवप्रीत ने वर्षों की मेहनत और लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के दम पर अपनी पहचान बनाई है। इससे पहले भी वह राष्ट्रमंडल और एशियाई स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 2026 एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप में उन्होंने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 386 किलोग्राम का कुल वजन उठाया था, जिसके बाद उनसे कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक की बड़ी उम्मीद थी।
Lovepreet Singh ने भारत के लिए महत्वपूर्ण पदक जीता
ग्लास्गो में लवप्रीत ने उन उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरते हुए भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पदक जीता। उनका यह रजत पदक भारत के भारोत्तोलन अभियान का एक और बड़ा आकर्षण रहा। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने साबित किया कि वह दुनिया के शीर्ष सुपर हैवीवेट भारोत्तोलकों को कड़ी टक्कर देने की क्षमता रखते हैं। स्वर्ण से केवल एक किलोग्राम दूर रह जाना निश्चित रूप से निराशाजनक रहा, लेकिन जिस आत्मविश्वास और तकनीक के साथ उन्होंने मुकाबला किया, उसने खेल विशेषज्ञों और प्रशंसकों की खूब सराहना बटोरी।
Lovepreet Singh का रोमांचक मुकाबला
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, लवप्रीत के इस पदक से भारत के कुल पदकों की संख्या में भी इजाफा हुआ। उनके रजत पदक ने भारतीय दल का मनोबल बढ़ाया और यह दिखाया कि भारोत्तोलन अब भी भारत के सबसे मजबूत खेलों में शामिल है। प्रतियोगिता के दौरान भारत के अन्य खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन लवप्रीत का मुकाबला सबसे रोमांचक रहा क्योंकि स्वर्ण पदक का फैसला अंतिम प्रयास तक टिका रहा।
Lovepreet Singhके बारे में विशेषज्ञों की राय
न्यूज़ ऑन एयर की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लवप्रीत अपनी तकनीक और फिटनेस में इसी तरह सुधार जारी रखते हैं, तो आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और ओलंपिक स्तर की प्रतियोगिताओं में भी भारत के लिए पदक जीतने की प्रबल संभावना रखते हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उनका प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि भारतीय भारोत्तोलन नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
लवप्रीत सिंह ने जीता करोड़ों भारतीयों का दिल
लवप्रीत सिंह का यह रजत पदक केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय खेल जगत के लिए गर्व का क्षण है। स्वर्ण पदक से महज एक किलोग्राम दूर रहकर भी उन्होंने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया और यह संदेश दिया कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। उनका प्रदर्शन आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।





