नए डिजिटल नियमों पर ट्विटर के प्रवक्ता ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा-हम भारत में अपने स्टाफ की सुरक्षा पर चिंतित हैं

1
नए डिजिटल नियमों पर ट्विटर के प्रवक्ता ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा-हम भारत में अपने स्टाफ की सुरक्षा पर चिंतित हैं
फोटोः जैक डोर्से

सुचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 25 मई तक सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को केंद्र सरकार सरकार द्वारा जारी किए गए नए आईटी रूल्स को फॉलो करने के लिए कहा था। जिस पर ट्विटर के प्रवक्ता ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है ।

टूलकिट विवाद के बाद सरकार के साथ टकराव के बीच ट्विटर ने आज पहली बार नए डिजिटल नियमों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। ट्विटर के प्रवक्ता ने कहा,” अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए संभावित खतरे और पुलिस द्वारा द्वारा हमें  डराने धमकाने की रणनीति के उपयोग पर चिंता है।” सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा,” हम लागू कानून का पालन करने का प्रयास करेंगे। हालांकि, ट्विटर ने नए नियमों में उन तत्वों को बदलाव के लिए कहने की योजना बनाई है जो स्वतंत्र खुली बातचीत को रोकते हैं ।”

यह पहली बार है कि जब माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर ने नए डिजिटल रूल्स पर बात की है। जिसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारत में एक अनुपालन अधिकारी नियुक्त करने, शिकायत प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने और कानूनी आदेश के 36 घंटों के भीतर सामग्री को हटाने को कहा गया है।

हालांकि इस नए नियम के खिलाफ व्हाट्सएप ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। व्हाट्सएप ने सरकार पर यह कहते हुए केस दर्ज किया है कि नए नियम असंवैधानिक है और उपयोगकर्ता की गोपनीयता को खतरा है।

ट्विटर के प्रवक्ता ने कहा,” ट्विटर भारत के लोगों के प्रति गहराई से प्रतिबद्ध है। हमारी सेवा सार्वजनिक बातचीत और कोरोनावायरस के दौरान लोगों के समर्थन में के स्रोत के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका साबित हुई है । अपनी सेवा उपलब्ध रखने के लिए हम भारत में लागू कानून का पालन करने का प्रयास करेंगे। लेकिन जैसा कि हम दुनिया भर में करते हैं, हम पारदर्शिता के सिद्धांतों और सेवा पर हर आवाज को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता और कानून के शासन के तहत अभिव्यक्ति की आजादी और गोपनीयता की रक्षा के लिए कड़ाई से निर्देशित होते रहेंगे।”

ट्विटर के प्रवक्ता ने कहा,” अभी हम भारत में अपने कर्मचारियों और उन लोगों के लिए अभिव्यक्ति की आजादी के संभावित खतरे से चिंतित हैं। जिनकी हम सेवा करते हैं। हम, भारत और दुनिया भर में नागरिक समाज में कई लोगों के साथ हमारी वैश्विक सेवा की शर्तों को लागू करने के साथ-साथ नए सूचना एवं प्रौद्योगिकी नियमों के मूल तत्वों के जवाब में पुलिस द्वारा धमकाने की रणनीति के उपयोग के संबंध में चिंतित हैं। हम इन नियमों के उन तत्वों के बदलाव की वकालत करने की योजना बना रहे हैं। जो खुली, मुक्त सार्वजनिक बातचीत को रोकते है।”

उन्होंने आगे कहा,” हम भारत सरकार के साथ अपनी रचनात्मक बातचीत जारी रखेंगे और मानते हैं कि सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना महत्वपूर्ण है। जनता के हितों की रक्षा करना, नियर निर्वाचित अधिकारियों उद्योग और नागरिक समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।”

आपको बता दें बीजेपी नेताओं द्वारा कथित तौर पर कांग्रेस टूलकिट पर हेरफेर मीडिया के रूप में पोस्ट किए जाने के बाद ट्विटर इंडिया सरकार और पुलिस के रडार पर है। सरकार ने ट्विटर को टैग हटाने के लिए कहा था और इसी विषय में दिल्ली पुलिस ने स्पष्टीकरण मांगने और नोटिस देने के लिए सोमवार की शाम को दिल्ली और गुड़गांव स्थित ट्विटर  इंडिया के दफ्तरों का दौरा किया था।

आईटी मंत्रालय द्वारा नए नियमों  की घोषणा 25 फरवरी को की गई थी। इन नए नियमों के तहत ट्विटर, फेसबुक , व्हाट्सएप , इंस्टाग्राम ,यूट्यूब और गूगल सहित अन्य बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत होगी। जिसमें मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और भारतीय शिकायत अधिकारी की नियुक्ति के आदेश शामिल है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here