एरिक्सन ने सुप्रीम कोर्ट में अनील अंबानी को गिरफ्तार करने और देश न छोड़ने की लगाई गुहार

एरिक्सन ने अनिल अंबानी को 550 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान को लेकर गिरफ्तारी और हिरासत की कोर्ट में मांग की।

नई दिल्ली: स्वीडन की टेलीकॉम उपकरण कंपनी एरिक्सन ने रिलायंस कम्युनिकेशन के चेयरमैन अनील अंबानी को देश न छोड़ने और हिरासत में रखने की अदालत में याचिका दायर की है। एरिक्सन के अनुसार जब तक अंबानी बकाया 550 करोड़ रुपए का भुगतान करने की तारीख सुनिश्चित नहीं कर लेते तब तक उनको जेल में रखा जाए। इससे पहले अक्टूबर महीने में रिलायंस कम्युनिकेशन ने 550 करोड़ रुपए के बकाया भुगतान के लिए एरिक्सन से 60 दिन की मौहलत मांगी थी।

वैश्विक दूरसंचार कंपनी एरिक्सन अपने बकाया 550 के भुगतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। कंपनी ने अनील अंबानी को सिविल जेल में रखने और विदेश जाने पर पाबंदी लगाने की याचिका दायर की है।

एरिक्सन कंपनी का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील अनील खेर ने इकोनॉमिक्स टाइम्स को बताया,’हमें अदालत में ताज़ा आवेदन इसलिए करना पड़ा,क्योकि रिलायंस कम्युनिकेशन और अन्य ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। हम काफी लंबे समय से भुगतान का इन्तजार कर रहे है और उनका डिफाल्टर होना कोर्ट के आदेश की अवमानना है.”

दूसरी तरफ रिलायंस कम्युनिकेशन ने भी दूरसंचार विभाग के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करते हुए अदालत का रुख अख्तियार किया है। अनील अंबानी की कंपनी का कहना है कि स्पेक्ट्रम बिक्री को मंजूरी देने में डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्यूनिकेशन ने देरी की ,जिसके चलते ये महंगा हुआ और एरिक्सन कंपनी का बकाया भुगतान करने में देरी हुई है।

ये दूसरी बार है जब रिलायंस कम्युनिकेशन स्वीडिश दूरसंचार एरिक्सन कंपनी के बकाया भुगतान करने में असफल रहा। सुप्रीम कोर्ट ने Rcom को एरिक्सन कंपनी का भुगतान करने के लिए 15 दिसंबर तक का समय दिया है। इसके बाद 12 फीसदी ब्याज के साथ भुगतना करना पड़ेगा। न्यूज़ सोर्स इकोनॉमिक्स टाइम्स

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