आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए काफी मददगार हैं ये सरल अभ्यास

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खानपान में बदलाव, दिनभर लैपटॉप या मोबाइल पर लगे रहना और बढ़ती उम्र के कारण आंखों की रोशनी की समस्या आमतौर पर लोगों में पाई जाने लगी है। अगर आप भी अपनी आंखों की रोशनी में सुधार करना चाहते हैं तो कुछ नेत्र अभ्यास करने की जरूरत है। इन एक्सरसाइज से आंखों की समस्याओं पर काबू पाया जा सकता है।
आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए काफी मददगार हैं ये सरल अभ्यास

खानपान में बदलाव, दिनभर लैपटॉप या मोबाइल पर लगे रहना और बढ़ती उम्र के कारण आंखों की रोशनी की समस्या आमतौर पर लोगों में पाई जाने लगी है। अगर आप भी अपनी आंखों की रोशनी में सुधार करना चाहते हैं तो कुछ नेत्र अभ्यास करने की जरूरत है। इन एक्सरसाइज से आंखों की समस्याओं पर काबू पाया जा सकता है।

आमतौर पर लोग कहा करते थे कि जब तक बुढ़ापा नहीं आया तो आंखों पर चश्मा लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन आज के दौर में यह बात पूरी तरह गलत साबित हो चुकी है। क्योंकि आज छोटे बच्चों से लेकर युवा और अधेड़ उम्र के लोगों से लेकर बुढ़ापे की तरफ बढ़ रहे लोगों को आंखों की रोशनी की समस्या सताने लगी है। जिसका एक बहुत बड़ा कारण लगातार घंटों मोबाइल और लैपटॉप पर लगे रहना है। कोरोनावायरस के दौर में वर्क फ्रॉम होम कल्चर के कारण भी समस्या में काफी इजाफा हुआ है। मतलब लोगों की आंखों की रोशनी काफी प्रभावित हो रही है ।

इसके अलावा गलत खानपान, प्रदूषण अनुवांशिकता को भी इसका कारण माना जाता है। यदि एक बेहतर डाइट के साथ हम नियमित रूप से आंखों के कुछ एक्सरसाइज करें तो आंखों को लगातार पहुंच रहे नुकसान को रोका जा सकता है। आंखों की रोशनी तब गिरती है जब आईबॉल की बनावट में बदलाव आता है और आंख की लंबाई और कॉर्निया में बदलाव होता है। नेत्र अभ्यास के जरिए इस को नियंत्रित किया जा सकता है।

पामिंग से बढ़ाएं नेत्र ज्योति

पामिंग के जरिए आंखों की रोशनी को बढ़ाया जा सकता है। जिसके लिए पहले आरामदायक स्थिति में बैठे और कुछ पल के लिए आंखों को बंद कर ले। हथेलियों को रगड़ कर ऊर्जा पैदा करें और बंद आंखों पर रखें। उंगलियों से पलकों और आंखों को 10-15 सेकंड तक मसाज करें। ऐसा करने से आंखों की थकान दूर होती है। रक्त संचरण अच्छा रहता है और आंखों की मांसपेशियों को भी बहुत आराम मिलता है।

पेंसिल पुशअप्स कर्रें

नेत्र ज्योति बढ़ाने के लिए पेंसिल पुशअप्स को भी काफी अच्छी एक्सरसाइज माना जाता है। आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करती है तो इसके जरिए प्रेसबायोपिया को रोका जा सकता है. जिसके लिए आपको एक पेन या पेंसिल को एक हाथ की दूरी पर रखकर अपनी आंखों के सामने पकड़ना होगा और उसकी टिप पर फोकस करें। धीरे-धीरे उससे अपनी आंखों की ओर लेकर आएं। जब तक टिप आपको एक से दो ना दिखाई देने लगे तब तक उसे देखते रहे। जैसे ही टिप दो भागों में बंटे, इसे फिर से दूर ले जाए और इसी क्रम में इसको दोहराते रहे। एक समय में यह कर्म कम से कम 15-20 बार दोहराए।

पलकों को झपकना

जब भी हम मोबाइल या लैपटॉप पर काम करते हैं तो उस समय इतने व्यस्त हो जाते हैं कि लैपटॉप या मोबाइल पर काफी देर तक नजरें जमाकर रखते हैं। ऐसे में पलकों को झपकाने का मौका काफी देर तक नहीं मिल पाता है। इससे आंखों की टियर फिल्म सूख जाती है और आंखों के सामने धुंधलापन आने लगता है। इस समस्या से बचने के लिए कम से कम दो-तीन मिनट बाद चार-पांच सेकंड में अपनी पलकों को लगातार झपकाएं और फिर आंखों को तेजी से बंद कर लें । लगभग 10 सेकंड तक बंद रखें फिर आंखों को खोलें। दिन में 5 बार यह प्रक्रिया दोहराने से आंखों की थकान दूर होती है और लुब्रिकेशन होता है। इसके अलावा यह एक्सरसाइज करने से तनाव भी कम होता है।

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