राज्यपाल जगदीप धनखड़ संग शुभेंदु अधिकारी की मीटिंग में शामिल नहीं हुए बीजेपी के 24 विधायक, घर वापसी की अटकलें तेज

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राज्यपाल जगदीप धनखड़ संग शुभेंदु अधिकारी की मीटिंग में शामिल नहीं हुए बीजेपी के 24 विधायक, घर वापसी की अटकलें तेज
फोटोः राजयपाल से मिलने जाते हुए बीजेपी के विधायक

शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार के दिन भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की अगुवाई में प्रदेश के राज्यपाल जगदीश धनखड़ से मुलाकात की थी। इस बैठक में बीजेपी के 74 में से 24 विधायक मीटिंग में नहीं पहुंचे। जो विधायक बीजेपी की मीटिंग में शामिल नहीं हुए उन्होंने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। ऐसा माना जा रहा है कि यह विधायक घर वापसी के फेर में है और भाजपा इन विधायकों को रोकने में असफल साबित हो रही है।

टीएमसी ने भाजपा को कड़ी शिकस्त दी 

बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 74 सीटों पर जीत हासिल की। वही तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी शिकस्त देते हुए 213 सीटों पर जीत दर्ज की। जिसके बाद ममता बनर्जी ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अब भाजपा के 74 विधायकों में से 24 विधायक शुभेंदु अधिकारी के साथ राज्यपाल की साथ हुई बैठक में शामिल नहीं हो पाए। अब इससे इस बात की अटकलें और ज्यादा तेज हो गई हैं कि क्या यह विधायक टीएमसी में वापसी कर सकते हैं?  विधायकों का बैठक में न जाने से इस बात के भी इशारे मिले हैं कि विधायक शुभेंदु अधिकारी की लीडरशिप के लिए तैयार नहीं है।

मुकुल रॉय की टीएमसी में घर वापसी

मीडिया सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार कई विधायक पार्टी से नाराज है और कुछ विधायक मुकुल रॉय की तरह टीएमसी में घर वापसी कर सकते हैं। बता दें, पिछले हफ्ते ही मुकुल रॉय ने अपने बेटे के साथ सत्ताधारी पार्टी में अपनी वापसी की थी। जिसके बाद दीपेंदु विश्वास, शुभांशु रॉय और राजीव बनर्जी सहित अन्य नेताओं के भी तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

बता दे ममता बनर्जी ने मुकुल राय की घर वापसी के बाद कहा था कि उन लोगों के मामले पर भी विचार करेगी, जिन्होंने मुकुल राय के साथ टीएमसी को छोड़ा था और अब जो वापस आना चाहते थे। उनकी पार्टी ने कहा कि 30 से अधिक बीजेपी विधायक उनके संपर्क में हैं।

टीएमसी में दोबारा शामिल होने से पहले मुकुल रॉय, सोनाली गुहा और दीपेंदु विश्वास जैसे कई नेताओं ने खुलकर कहा था कि वे टीएमसी में वापस लौटना चाहते हैं और मुख्यमंत्री से माफी मांगी थी। इन सब के बीच भारतीय जनता पार्टी यह कहती रही है कि सब कुछ ठीक है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ अधिकारी ने कहा कि वह राज्य में दल बदल विरोधी कानून लागू करने की कोशिश।

बीजेपी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी

गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी ने गत वर्ष दिसंबर में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था।  शुरू में ही शुभेंदु बड़ी संख्या में नेताओं को अपने साथ लेकर आए थे।  इसके बाद नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराकर शुभेंदु अधिकारी ने अपना नाम बड़ा किया था। चुनाव के बाद उन्हें विपक्ष का नेता चुना गया था।

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