Thomas Cup Badminton में भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में जगह बनाई,रचा इतिहास

भारतीय टीम ने थॉमस कप बैडमिंटन के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। 1979 के बाद टीम इंडिया कभी भी सेमीफइनल से आगे नहीं बढ़ पाई थी। यह प्रतियोगिता बैंकॉक में चल रही है।

बैडमिंटन में भारतीय टीम के खिलाडियों ने इतिहास रच दिया है। बैंकॉक में चल बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय पुरुष टीम फाइनल में पहुंच गई है। शुक्रवार के दिन खेले गए सेमीफइनल मैच में भारत ने डेनमार्क को 3-2 से मात दी है। टीम इंडिया की इस जीत का श्रेय प्रणय राय को जाता है। जिन्होंने सेमीफइनल मुकाबले में डेनमार्क के खिलाडी रस्मस गेमको को हराया है।

प्रणय राय ने जीता मैच

विश्व के 13 वे नंबर के खिलाड़ रस्मस गेमको के खिलाफ खेलते हुए प्रणय राय बैडमिंटन कोर्ट में फिसलने के बाद चोटिल हो गए थे। लेकिन उंन्होने मेडिकल टाइमआउट लेने के बाद मुकाबला जारी रखा। प्रणय ने चोटिल होने के बावजूद भी रस्मस को 13-21-9 और 21-12 से जीत दर्ज की।

लक्ष्य नहीं भेद पाए सेन

वहीं डेनमार्क के खिलाफ पहले विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता लक्ष्य सेन अपने प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाए। लक्ष्य को विक्टर एक्सेलसेन के हाथों 13-21,13-21 से हार का सामना करना पड़ा। जिससे डेनमार्क को 1-0 की बढ़त मिली। इसके बाद चिराग शेट्टी और सात्विक सिराज रंकीरेडी ने युगल मैच में जीतकर स्कोर को 1-1 से बराबर कर लिया। भारतीय युगल ने माथियास क्रिस्टियनसेन और किम असत्रूप को 21-18 , 21-23 , 22-20 अंकों से शिकस्त दी।

इसके बाद विश्व के 11 नंबर के खिलाडी किदांबी श्रीकांत ने दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी एंडर्स अतोनसेन को 21-18 12-21 21-15 स्कोर के साथ भारतीय टीम को 2-1 बढ़त दिला दी। हालाँकि, विष्णुवर्धन गौड़ और कृष्णा प्रसाद गरागा की जोड़ी को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद दोनों टीमें दो-दो की बराबरी पर फिर प्रणय राय ने पहला मुकाबला हारने के बाद अपनी टीम को जीत दिलाई।

43 साल का सूखा खत्म

इस तरह भारतीय टीम ने 1979 के बाद 43 साल के सूखे को खत्म करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। इससे पहले गुरुवार के दिन मलेशिया को हराकर टीम इंडिया ने सेमीफइनल में जगह बनाई।

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