जलियांवाला बाग के नवीनीकरण को लेकर सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा, बताया शहीदों का अपमान

पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार के दिन जलियांवाला बाग पुनर्निर्मित परिसर का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह देश का कर्तव्य है कि इतिहास की रक्षा करें। पीएम मोदी द्वारा जलियांवाला बाग परिसर के रिनोवेशन के बाद सोशल मीडिया पर लोगो ने कड़ी अपत्ति जताई और इसे शहीदों का अपमान बताया।

जलियांवाला बाग के नवीनीकरण को लेकर फूटा लोगों का गुस्सा 

भारत के इतिहास के काले पन्नों में दर्ज जलियांवाला बाग के नवीनीकरण को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा और आलोचना देखने को मिल रही है। जलियांवाला बाग में लगभग 102 साल पहले एक हजार से ज्यादा लोगों को मार दिया गया था। ज्यादातर आलोचनाएं उन गलियारों को लेकर हो रही हैं जी ने पूर्ण रूप से बदल दिया गया है। इन परिसरों में ही जनरल डायर ने अपने आदमियों का नेतृत्व करते हुए वहां वैशाखी के पर्व पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे पुरुष, महिलाओं तथा बच्चों पर गोलियां चलाने का आदेश दिया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्धघाटन 

पीएम नरेंद्र मोदी ने नवनिर्मित परिसर का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह देश का फर्ज है कि वह इसकी इतिहास की रक्षा करें । पीएम मोदी द्वारा जलियांवाला बाग के परिसर का नवीनीकरण करने के बाद लोग इससे इतिहास को नष्ट करने की बात कह रहे हैं। जबकि कई लोगों ने आरोप लगाया है कि राजनेताओं को शायद ही कभी इतिहास की अनुभूति होती होगी।

जानिए लोगों ने क्या कहा ?

इतिहासकार इरफ़ान हबीब ने एक ट्वीट किया।  जिसमें उन्होंने लिखा,” यह स्मारकों का निगमीकरण है। जहां वे आधुनिक संरचनाओं के रूप में समाप्त हो जाते हैं और विरासत मूल्य खो देते हैं। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने आलोचना करते हुए कहा, “केवल वे जो स्वतंत्रता संग्राम से दूर रहे वही इस प्रकार का कृत्य कर सकते हैं।”

फिल्ममेकर और टीवी पत्रकार विनोद कापड़ी ने जलियांवाला बाग़ परिसर की पहली और revamp के बाद की फोटो साझा करते हुए लिखा ,” पहली तस्वीर जहां से जनरल डायर जलियांवाला बाग़ में घुसा था। दूसरी तस्वीर सुधार के बाद की। इतिहास  ऐतिहासिक स्थलों के साथ ऐसी भद्दी छेड़छाड़ देखकर दिल रो पड़ता है। ” इस तरह सोशल मीडिया पर और भी काफी लोग जलियांवाला बाग़ के कई परिसरों के पुर्ननिर्माण को लेकर आलोचनाएं कर रहे हैं।

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