कश्मीर में फाइनल फाइट शुरू, लगता है कुछ बड़ा होने वाला है

जम्मू-कश्मीर में भारी तनाव के माहौल में पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती और उमर अब्दुल्लाह को नज़रबंद कर दिया गया है।

जम्मू-कश्मीर में जारी असमंजस की स्थिति के बीच पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती और उमर अब्दुल्लाह के अलावा अलगाववादी नेता सज्जाद लोन को भी नज़रबंद कर दिया गया है। श्रीनगर में धारा 144 लगा दी गई है। स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। आपको बता दें, केंद्र सरकार ने ये सब फैसले ऐसे समय में लिए हैं जब राज्य में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की जा रही है और अमरनाथ यात्रियों और सैलानियों को घाटी को छोड़ने का निर्देश जारी किया जा चूका है।


जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने ट्वीट करते हुए लिखा ,” मुझे लगता है कि आधी रात से मुझे नज़रबंद किया गया है और मुख्यधारा के दूसरे नेताओं के लिए भी यह प्रक्रिया शुरू हो गई है।


दूसरी तरफ पीडीपी की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने ट्वीट करते हुए लिखा ,” कैसी विडंबना है जो हमारे जैसे प्रतिनिधि जो शांति के लिए लड़े थे , घर में नज़रबंद हैं। दुनिया देख रही है कि जम्मू-कश्मीर में लोगों और उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। वह कश्मीर जिसने एक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक भारत को चुना था , अकल्पनीय उत्पीड़न का सामना कर रहा है। जागो भारत जागो। ”

जम्मू-कश्मीर में ऐसे माहौल को देखते हुए लगता है इस बार नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार 35-ए और धारा 370 पर आर या पार करना चाहती है। इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह संसद में कह चुके हैं कि धारा 370 अस्थाई है। बीजेपी और आरएसएस धारा 370 और 35-ए को हटाने की मांग लंबे समय से उठाते आ रहे हैं। बीजेपी ने लोक सभा चुनाव 2019 के अपने घोषणा पत्र में धारा 370 और आर्टिक्ल 35-ए को जम्मू-कश्मीर से हटाने का प्रमुखता से जिक्र किया है। हालात को देखते हुए लग रहा है कि ये कश्मीर की फाइनल फाइट हो सकती है।

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