फर्जी पत्रकारों पर सरकार करेगी कार्रवाई

 

सुचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फर्जी पत्रकारों पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है

आज एक पत्रकारवार्ता की संबोधित करते हुए केंद्रीय सुचना एवम प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर  कहा कि देशभर में जितने भी फर्जी पत्रकार पहचान पत्र लेकर लोग घूम रहे हैं। उनपर जल्द ही करवाई की जायेगी।जांच के बाद फर्जी पाए जाने पर पत्रकारों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

राठौर ने कहा, कुछ फर्जी लोगो की वजह से अच्छे और सच्चे पत्रकारों की छवि खराब होती जा रही है। इस पर लगाम लगाना जरूरी हो गया है।

राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा,कुछ लोग फर्जी पत्रकार को आईडी कार्ड बांट रहे हैं। पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग का धंधा चल रहा है। इस पर लगाम लगाना बहुत जरूरी हो गया है। इस विषय पर सभी राज्यों के प्रेस सुचना मंत्रालयों को निर्देश भेजे जा चुके हैं।

राठौर ने आगे बताया कि जो भी समाचार पत्र पत्रिका आरएनआई द्वारा पंजीकृत हो उसीके संपादक और पत्रकार पहचान पत्र बनवा सकते हैं। उन्होंने आगे बताया जो भी टेलीविज़न चैनल और रेडियो स्टेशन सुचना एवम प्रसारण मंत्रालय द्वारा पंजीकृत होंगे,उन्ही के आईडी कार्ड बनाए जाएंगे।ये कार्ड संपादक ही जारी कर सकते हैं।

जब सुचना एवम प्रसारण मंत्री से चल रहे न्यूज़ पोर्टल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया इन्टरनेट पर चल रहे न्यूज़ पोर्टल  मंत्रालय के अधीन नही आते और न ही उन्हें सरकारी मान्यता प्राप्त है।कोई भी न्यूज़ पोर्टल,यूट्यूब चैनल और केबल  किसी भी तरह से पत्रकार की नियुक्ति नही कर सकता और न ही कोई आईडी कार्ड जारी कर सकता है।अगर ऐसा कोई केस पाया जाता है तो उसके खिलाफ क़ानूनी करवाई की जायगी।सुचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल को किसी भी तरह की पुलिस मदद नही मिलेगी।

मीडिया जगत के जानकारों के मुताबिक पिछले विधान सभा चुनावों में बीजेपी की हार के चलते सरकार मीडिया पर अंकुश लगाने की तैयारी कर रही है। क्योंकि राजस्थान मध्य्प्रदेश छत्तीसग़ढ समेत कई राज्यों में सोशल,प्रिंट और डिजिटल मीडिया का बीजेपी को कम सीटें दिलवाने में अहम रोल रहा है।

 

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